नाजायज संबंध के शक पर बाप-बेटे को उतार दिया मौत के घाट

Father and son were killed on suspicion of illegitimate relationship
नाजायज संबंध के शक पर बाप-बेटे को उतार दिया मौत के घाट
सबूत मिटाने में पत्नी ने भी दिया साथ, दोनों गिरफ्तार नाजायज संबंध के शक पर बाप-बेटे को उतार दिया मौत के घाट

डिजिटल डेस्क सतना। रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के बेला-कोठार में अवैध संबंधों के संदेह और भाई के खिलाफ कोर्ट में गवाही से नाराज युवक ने अहरी में सो रहे पिता-पुत्र को कुल्हाड़ी से काट डाला था। पुलिस ने 48 घंटे के अंदर दोहरे हत्याकांड का खुलासा कर मुख्य आरोपी पुष्पेन्द्र पुत्र भागवत साकेत 32 वर्ष, समेत साक्ष्य मिटाने में सहयोग करने के लिए उसकी पत्नी राजकुमारी साकेत 30 वर्ष, को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने कार्रवाई के संबंध में बताया कि 2 जनवरी की सुबह बेला में नेशनल हाइवे के किनारे निर्माणाधीन मकान में रामबहोर साकेत 78 वर्ष और उनके बेटे शंकरलाल साकेत 50 वर्ष, के क्षत-विक्षत शव पड़े मिले थे। तब घटना स्थल की जांच के बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसी के साथ एडिशनल एसपी सुरेन्द्र जैन और डीएसपी ख्याति मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम का गठन भी किया गया। थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी अपने सहयोगियों के अलावा विश्वस्त मुखबिरों का जाल भी गांव में फैला दिया था।  
ऐसे जुड़ी कड़ी ---
जांच-पड़ताल के दौरान मृतकों के परिजन और पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि लगभग 7 साल पहले पड़ोस में रहने वाले पुष्पेन्द्र पुत्र भागवत साकेत 32 वर्ष, के भाई मनोज साकेत का विवाद केशव साकेत व रामबहोर साकेत के साथ हुआ था, जिसमें बुजुर्ग को चोटें आई थीं, वहीं आरोपी ने केशव की बाइक जला दी थी। इस घटना की रिपोर्ट पीडि़त पक्ष ने दर्ज कराई थी, जिसमें रामबहोर और शंकरलाल ने न्यायालय में गवाही भी दी थी। उक्त प्रकरण में कुछ समय पहले ही फैसला आया जिसमें मनोज समेत अन्य आरोपियों को सजा पड़ गई थी। इस जानकारी को ध्यान में रखते हुए घटना के बाद से ही गांव में नहीं दिखे मनोज और पुष्पेन्द्र की खोजबीन शुरू की गई तो मनोज रीवा में मिल गया, मगर उसका भाई हाथ नहीं आया। युवक की तलाश में सीधी और जबलपुर की तरफ भी टीमों को रवाना किया गया, परंतु पुलिस को चकमा देते हुए बेला लौट आया। तब यहां पहले से तैयार टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोपी पुष्पेन्द्र ने कई पूछताछ में अंतत: हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया।  
शंकर के साथ पत्नी के अवैध रिश्तों का था संदेह -
आरोपी ने पिता-पुत्र के द्वारा गवाही और पुराने जमीनी झगड़े की रंजिश तो मानी ही, एक नई बात यह भी बताई कि उसे अपनी पत्नी और शंकरलाल साकेत के बीच नाजायज रिश्तों का संदेह था, जिसको लेकर आए दिन घर में पत्नी से विवाद होता था। 1 जनवरी की रात को ही इसी बात पर राजकुमारी से झगड़ा हुआ, तब उसने शंकर को जान से मार डालने का फैसला कर लिया और घर से कुल्हाड़ी लेकर हाइवे के किनारे निर्माणाधीन मकान में पहुंच गया, जहां शंकरलाल के साथ उसके पिता भी सो रहे थे। आरोपी ने सबसे पहले बुजुर्ग रामबहोर पर कुल्हाड़ी से वार किया तो वह चीख पड़ा, उसकी आवाज सुनकर चारपाई पर सो रहे शंकर की नींद टूट गई और वह आगे बढऩे लगा, तो आरोपी पुष्पेन्द्र ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया।
जला दिए थे खून से सने कपड़े -
दोनों की जान लेने के बाद आरोपी कुल्हाड़ी लेकर तालाब की तरफ गया और पानी में खून साफ करने के बाद झाडिय़ों में ही छिपा दिया और फिर घर जाकर पत्नी को हत्याकांड की जानकारी देकर उसकी मदद से खून से सने कपड़े जलाकर राख को जमीन में दफना दिया। आरोपी के बयान पर पुलिस ने राजकुमारी को भी गिरफ्तार कर कुल्हाड़ी व राख बरामद कर ली। दोनों को बुधवार सुबह कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
टीम को नकद पुरस्कार -
सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा करने पर पुलिस कप्तान आशुतोष गुप्ता ने पूरी टीम को 10 हजार के नकद इनाम से पुरस्कृत किया है। इस टीम में एएसपी सुरेन्द्र जैन और डीएसपी ख्याति मिश्रा के साथ रामपुर थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी, एसआई ओशो गुप्ता, रवीन्द्र द्विवेदी, जीतेन्द्र आर्यन, लक्ष्मीकांत मिश्रा, एएसआई राजेन्द्र तिवारी, लवकुश मिश्रा, प्रधान आरक्षक दिलीप सिंह, रवीन्द्र दोहरे, चितेन्द्र पांडेय, इंद्रजीत अग्निहोत्री, ओमनारायण मिश्रा, तुलसीदास, आरक्षक अनूप मिश्रा, विश्वदीप तिवारी, देवेन्द्र सिंह, रामानुज दुबे, गौरव मिश्रा, नंदकुमार त्रिपाठी, नीलेश यादव, अजय साकेत, सुभांशी तिवारी, दिव्या साकेत, सीमा पांडेय, पूनम मिश्रा, सैनिक विनोद चौबे, साइबर सेल प्रभारी अनिमेष द्विवेदी, एसआई अजीत सिंह, एएसआई दीपेश पटेल, आरके पटेल, प्रधान आरक्षक असलेन्द्र सिंह, आरक्षक संदीप सिंह, सुशील द्विवेदी, एफएसएल रीवा के प्रभारी डॉ. आरपी शुक्ला, सतना एफएसएल के प्रधान आरक्षक अनिल विश्वकर्मा और आरक्षक मुकेश यादव आदि शामिल थे।

Created On :   4 Jan 2023 10:39 PM IST

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