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Shahdol News: डेढ़ लाख आबादी की ओर अग्रसर शहडोल में पेयजल का अपना सोर्स नहीं

- 3 साल में 96 करोड़ रूपए रायल्टी से जमा पर शहर को पानी के लिए 21 करोड़ नहीं मिला
- सोन बैराज के लिए एक बार फिर राज्य प्रतिष्ठान मद से हाथ आई निराशा
- शहर में पेयजल समस्या का आलम यह है कि सरफा नदी पर निर्मित बैराज में फरवरी माह में ही पानी कम पड़ गया था।
Shahdol News: शहर में हर साल गर्मी के मौसम में पेयजल समस्या और भविष्य में बढ़ती आबादी के अनुरूप पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एसएमएफ (स्टेट मिनरल्स फंड) से सोन नदी पर 21 करोड़ 87 लाख रूपए से बैराज निर्माण का प्रस्ताव इस बार भी नामंजूर हो गया। गौरतलब है कि स्टेट मिनरल्स फंड में शहडोल जिले से बीते 3 वित्तीय वर्ष में 96 करोड़ 48 लाख रूपए जमा हुआ है।
फंड में जमा यह वह राशि है जो जिले में संचालित माइनर और मेजर मिनरल की खदान संचालकों द्वारा बतौर रायल्टी जमा करवाई जाती है। इधर, बैराज निर्माण के लिए राशि मंजूर नहीं होने के बाद अब नगर पालिका के जनप्रतिनिधि दोबारा प्रस्ताव भेजने की बात कह रहे हैं। इसके लिए 21 मार्च को बजट की बैठक के साथ पेयजल समस्या को भी चर्चा में शामिल किया गया।
चर्चा के दौरान परिषद ने प्रस्ताव पारित किया है कि सोन नदी पर बैराज निर्माण के लिए राशि मंजूरी का प्रस्ताव दोबारा भेजा जाएगा। शहर में पेयजल की समस्या इसलिए भी विकराल रूप ले रही है क्योंकि शहर का अपना कोई पेयजल स्रोत नहीं है।
सरफा नदी पर बैराज में पानी एसईसीएल के राजेंद्रा व अन्य भूमिगत खदान से छोड़े जाना वाला पानी है। खदान बंद होने के बाद पानी का कोई स्रोत नहीं बचेगा, इसलिए समय रहते सोन नदी पर बैराज निर्माण जरूरी है।
वार्ड 39 में तीन दिन से नहीं आ रहा पानी
शहर के वार्ड क्रमांक 39 में तीन दिन से पानी आपूर्ति ठप है। वार्डवासियों ने बताया कि यहां नलकूप से सीधे पानी की आपूर्ति होती है पर पंप खराब हो जाने के कारण पेयजल आपूर्ति ठप पड़ गया। समस्या बताने के बाद अब टैंकर से पेयजल आपूर्ति हो रही
खनिज प्रतिष्ठान मद में रायल्टी से प्राप्त राशि
वित्तीय वर्ष डीएमएफ ए डीएमएफ बी कुल
22-23 19.18 22.56 41.74
23-24 23.61 35.84 59.45
24-25 24.37 38.12 62.49
डीएमएफ ए से आशय जिला खनिज प्रतिष्ठान और डीएमएफ बी राज्य प्रतिष्ठान मद (एसएमफ)है। इसमें मेजर मिनरल्स खदानों से कुल रायल्टी का 30 प्रतिशत और माइनर मिनरल्स से 10 प्रतिशत राशि जाती है। इसमें जिले से रायल्टी में आय 5 करोड़ रूपए तक जिले में यानी डीएमएफ में ए रहता है। 25 करोड़ तक 50 प्रतिशत और उससे उपर में 75 प्रतिशत राशि एसएमएफ में चली जाती है।
फरवरी माह में ही पानी की किल्लत, कलेक्टर ने लिखी चिठ्ठी
शहर में पेयजल समस्या का आलम यह है कि सरफा नदी पर निर्मित बैराज में फरवरी माह में ही पानी कम पड़ गया था। इसके बाद कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने 17 फरवरी को जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री को मिठौरी डेम से पानी छोडऩे के निर्देश दिए। पत्र में कलेक्टर ने सरफा डैम से पहले पानी निकासी रोकने के लिए तहसीलदार सोहागपुर, बुढ़ार, थाना प्रभारी सोहागपुर व सिंहपुर और सीएमओ नगर पालिका की टीम गठित की।
इसलिए जरूरी है सोन बैराज
> मेडिकल कॉलेज को लगातार डिमांड के बाद भी पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।
> जिला अस्पताल का विस्तार हो रहा है तो यहां भी पानी की डिमांड बढ़ रही है।
> शहर में बढ़ती आबादी के बाद लगातार नए कनेक्शन की संख्या बढ़ रही है।
> 14 किलोमीटर दूर सरफा से शहर तक पहुंचता है पानी।
> 5 हजार 69 घरेलू, 34 व्यवसायिक और 992 सार्वजनिक नल कनेक्शन हैं।
> नपा द्वारा सरफा नदी पर नवलपुर के समीप साढ़े 3 करोड़ लाख लीटर क्षमता का एनीकट बनाया गया है। इसमें एसईसीएल की दामिनी, खैरहा, राजेंद्रा व नौगवां खदान से छोड़े जाने वाला पानी पहुंचता है। जिसे सौ-सौ एचपी के दो पंप से शुद्धीकरण के लिए 8.0 एमएलडी क्षमता के 4 फिल्टर प्लांट तक लाते हैं।
Created On :   26 March 2025 1:26 PM IST