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Nagpur News: कोर्ट ने पूछा - पूरी दुनिया में बारिश, लेकिन नागपुर में ही सड़कें इतनी खराब क्यों?

- शहर की सड़कें बारिश से हुई बदहाल
- ठेकेदारों के बचाव पर अधिकारियों को फटकार
- जनहित याचिका में सड़कों का मुद्दा उठाया
Nagpur News. नागपुर-अमरावती, नागपुर-भंडारा और नागपुर-उमरेड मार्ग पर हाईवे और फ्लाईओवर को लगे हुए सर्विस रोड पर यातायात करने में वाहन चालकों को हो रही परेशानी पर बॉम्बे हाई कोर्ट के नागपुर खंडपीठ ने संज्ञान लिया। इस मामले में बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट पूछा कि सर्विस रोड इतनी खराब स्थिति में क्यों है? इस पर संबंधित अधिकारियों ने जवाब देते हुए कहा कि बारिश की वजह से सर्विस रोड खराब हुए हैं। इस जवाब से संतुष्ट न होने से कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए अपने मौखिक टिप्पणी में कहा कि पूरी दुनिया में बारिश होती है, लेकिन नागपुर में ही डामर की सड़कें इतनी खराब क्यों हैं? साथ ही कोर्ट सड़कों की ठीक से रखरखाव न करने वाले ठेकेदारों का बचाव करने वाले अधिकारियों को जमकर फटकारा।
मामले में न्या. नितीन सांबरे और न्या. अभय मंत्री के समक्ष सुनवाई हुई। नागपुर खंडपीठ में एड. अरुण पाटील ने जनहित याचिका दायर कर विदर्भ के बदहाल महामार्गों का मुद्दा उठाया है। सर्विस रोड हाई वे के समानांतर चलती है, मुख्य रूप से स्थानीय यातायात के लिए पहुंच प्रदान करती है और इस प्रकार हाई वे पर यातायात को तेजी से आगे बढ़ाने में कम से कम हस्तक्षेप की सुविधा प्रदान करती है। लेकिन इस सर्विस रोड पर संकरी सड़क, अतिक्रमण और पार्किंग जैसी कई बाधाओं का सामना वाहन चालकों को करना पड रहा है। इसलिए कोर्ट ने इस याचिका का दायरा बढ़ाते हुए इसमें सर्विस रोड भी शामिल करने का आदेश दिया है। इनमें नागपुर से अमरावती, नागपुर से भंडारा और नागपुर से उमरेड राजमार्ग के सर्विस रोड शामिल हैं। साथ ही शहर के सर्विस रोड को भी इसमें शामिल किया गया है।
मामले पर बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने डामर के सर्विस रोड खराब स्थिति में होने पर सवाल उठाया। तब संबंधित अधिकारियों ने शहर में हुई बारिश का कारण बताया। कोर्ट ने फिर पूछा ख़राब सड़कों की मरम्मत करना किसका काम है? अधिकारीयों ने कहा कि, संबंधित सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार की है। इस पर कोर्ट ने कहा प्रशासन का काम है ठेकेदार से काम करवाना और सड़क की मरम्मत करना ठेकेदार का काम है, फिर प्रशासन ठेकेदार का बचाव क्यों कर रही है? आप जनता के सेवक हो या ठेकेदार के सेवक हो? ऐसे कई सवाल कोर्ट ने उठाए। साथ ही कोर्ट ने अधिकारियों को दो दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया कि ठेकेदारों द्वारा सड़क मरम्मत का काम क्यों नहीं पूरा करवाया गया। इसके अलावा भंडारा रोड की समस्या पर एनएचएआई को भी जवाब दायर करने के आदेश दिए। कोर्ट ने इस मामले में 20 सितंबर को अगली सुनवाई रखी है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ विधिज्ञ फिरदोस मिर्जा, एनएचएआई की ओर से एड. अनिश कठाने, राज्य सरकार की ओर से एड. दीपक ठाकरे ने पैरवी की।
वाड़ी प्लाईओवर यातायात के लिए शुरू : कोर्ट ने बोले पेट्रोल पंप से वाडी चौक के दौरान की आम लोगों को यातायात करने में हो रही परेशानी पर पीडब्ल्यूडी को जमकर फटकारा और यह समस्या दूर करने के आदेश दिए थे। पिछली सुनवाई में पीडब्ल्यूडी ने कोर्ट में 15 सितंबर से वाड़ी प्लाईओवर यातायात के लिए शुरू किए जाने की जानकारी दी थी। इसके चलते बुधवार को पीडब्ल्यूडी ने कोर्ट को बताया कि वाड़ी प्लाईओवर यातायात के लिए शुरू किया गया है।
Created On :   18 Sept 2024 6:15 PM IST