भारत-कनाडा के संबंंधों में जारी खट्टास के बीच: विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान, दोनों देशों के बीच इन दो तत्वों को बताया फसाद की जड़े

विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान, दोनों देशों के बीच इन दो तत्वों को बताया  फसाद की जड़े
  • भारत और कनाडा के बीच जारी है तनातनी
  • विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
  • दोनों देशों के बीच इन तत्वों के ठहराया जिम्मेदार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में खटास जारी है। बीते कुछ सालों पहले कनाडा की ट्रूडो सरकार ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले को लेकर भारत सरकार पर आरोप लगाए थे। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनातनी देखने को मिल रही है। इस बीच भारत सरकार ने शुक्रवार को बयान जारी किया है। इस बयान में भारत सरकार का कहना है कि देश में चरमपंथी और अलगाववादियों को लाइसेंस मिलने से कनाडा के साथ द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आई है।

भारत सरकार ने जारी किया बयान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत-कनाडा संबंधों में गिरावट का कारण देश में चरमपंथी और अलगाववादी तत्वों को दी गई छूट है। हमारी उम्मीद है कि हम आपसी विश्वास और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को फिर से बना सकेंगे।" बता दें, कनाडा के प्रशासन में परिवर्तन के बीच भारत के विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है। कनाडा में पीएम पद के लिए जस्टिन ट्रूडो की जगह मार्क कार्नी ले सकते हैं। मालूम हो कि, 15 मार्च को मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है।

कनाडा में शपथ ग्रहण समारोह से पहले पीएम कार्नी ने कहा था, "कनाडा समान विचारधारा वाले देशों के साथ अपने व्यापारिक संबंधों में विविधता लाना चाहता है और भारत के साथ रिश्तों को फिर से सुधारने के मौके हैं। वाणिज्यिक संबंध के इर्द-गिर्द मूल्यों की साझा भावना होनी चाहिए और अगर मैं प्रधानमंत्री हूं तो मैं इसे बनाने के मौके का इंतजार करूंगा।"

भारत-कनाडा में जारी है तनातनी

बता दें, साल 2023 में पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो ने ब्रिटिश कोलंबिया में खालिस्तानी समर्थक आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों को दोषी ठहराया था। इसके बाद से ही भारत और कनाडा के बीच संबंधों में तनातनी देखने को मिल रही है। जस्टिन ट्रूडो के इन आरोपों को भारत सिरे से नकारते आ रही है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि कनाडा ने भारत और भारतीय राजनयिकों के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों पर कोई सबूत पेश नहीं किया है।

इसके बाद से भारत-कनाडा एक दूसरे के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं। इस मामले के बाद दोनों देशों ने अपने-अपने राजनायिकों को वापस बुला लिया है। सितंबर 2024 में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा था, "इस लापरवाह रवैये के चलते भारत-कनाडा संबंधों को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी जिम्मेदारी अकेले प्रधानमंत्री ट्रूडो की है।"

पीएम ट्रूडो ने भरी थी हामी

वहीं, ट्रूडो ने ये स्वीकार किया था कि जब उन्होंने निज्जर की हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों के शामिल होने का आरोप लगाया था, तब उनके पास केवल खुफिया जानकारी थी और कोई ठोस सबूत नहीं थे।

इस बीच जस्टिन ट्रूडो ने भी हामी भरी थी कि जब उन्होंने निज्जर की हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों के शामिल होने का आरोप लगाया था। उस दौरान उनके पास केवल खुफिया जानकारी थी और कोई ठोस सबूत नहीं थे।

Created On :   21 March 2025 10:26 PM IST

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