सेलेब्स ऑन सोशल मीडिया: प्रतीक बब्बर ने हटाया पिता राजबब्बर का सरनेम तो भड़के सौतेले भाई आर्य बब्बर बोले- ‘नाम बदल सकते हैं वजूद नहीं’

- प्रतीक बब्बर ने हटाया पिता राजबब्बर का सरनेम
- भड़के सौतेले भाई आर्य बब्बर
डिजिटल डेस्क, मुंबई। एक्टर और राजनेता राज बब्बर और दिवंगत एक्ट्रेस स्मिता पाटिल के बेटे प्रतीक बब्बर आए दिन किसी ना किसी वजह से चर्चा में रहते हैं। वे एक शानदार एक्टर हैं लेकिन वे बीते कुछ समय से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में है। प्रतीक ने अपनी शादी पर अपने पापा राज बब्बर को नहीं बुलाया था जिसके बाद दोनों के रिश्तों में दरार की खबरें सामने आई थी। वहीं अब प्रतीक बब्बर ने हाल ही में अपनी दिवंगत मां स्मिता पाटिल के सम्मान में अपना सरनेम बदलकर ‘प्रतीक स्मिता पाटिल’ रख लिया है। वहीं प्रतीक ने अपनी मां के नाम और लीगेसी से जुड़े रहने की अपनी इच्छा पर जोर दिया है, जिसका मतलब है कि वह अपने पिता से दूर रहना चाहते हैं। इन सबके बीच प्रतीक के सरनेम बदलने पर अब सौतेले भाई आर्य बब्बर ने अपना रिएक्शन दिया है।
प्रतीक के सरनेम बदलने पर आर्य बब्बर का रिएक्शन
प्रतीक के सरनेम बदलने पर रिएक्शन देते हुए आर्य ने कहा कि स्मिता उनकी भी मां हैं और यह प्रतीक पर निर्भर करता है कि वह कौन सा सरनेम रखना चाहते हैं या छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नाम बदलने से किसी की पहचान नहीं बदलती। उन्होंने अपनी बात को यह कहते हुए क्लियर किया कि अगर वह अपना नाम आर्य बब्बर से बदलकर सिर्फ़ आर्य या राजेश रख भी लें, तो भी वह अपने कोर में बब्बर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि नाम बदलने के बावजूद किसी का अस्तित्व और पहचान नहीं बदलती है। आर्य बब्बर ने कहा, "आप अपना नाम बदल सकते हैं, वजूद नहीं। रहूंगा तो बब्बर ही क्योंकि वजूद मेरा वो ही है, आप वो कैसे चेंज कर सकते हो।
राज बब्बर और प्रतीक के बीच मतभेद इत तरह आया सामने
बब्बर परिवार के बीच दरारें तब दिखाई देने लगीं जब प्रतीक ने 14 फरवरी को प्रिया बनर्जी से शादी कर ली और बब्बर परिवार को शादी में इनवाइट नहीं किया था। बता दें कि राज बब्बर ने पहली शादी 1975 में नादिरा बब्बर से की, और उनके दो बच्चे हैं, जूही बब्बर और आर्य बब्बर। बाद में उन्होंने 1983 में स्मिता पाटिल के साथ शादी कर ली और 1986 में बेटे प्रतीक बब्बर का वेलकम किया था। हालांकि, चाइल्ड बर्थ कॉम्पलिकेशन के कारण उसी साल स्मिता का निधन हो गया था कुछ साल बाद राज और नादिरा में सुलह हो गई थी।
Created On :   26 March 2025 12:21 PM IST