Amravati News: विदर्भ में अपना गढ़ मजबूत करने पवार ने खोड़के पर लगाया दांव

विदर्भ में अपना गढ़ मजबूत करने पवार ने खोड़के पर लगाया दांव
  • निकाय चुनाव के साथ ही धुर विरोधी राणा दंपति को शह देने की रणनीति
  • विधान परिषद के चुनाव 27 को

Amravati News महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए 27 मार्च को हो रहे चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार) ने अपने कोटे की एक सीट पर अमरावती संभाग के पार्टी समन्वयक व प्रदेश उपाध्यक्ष संजय खोड़के को मैदान में उतारा है। प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे की घोषणा के बाद सोमवार को उन्होंने नामांकन दाखिल किया। संजय खोड़के को विधान परिषद में भेजकर राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार) ने एक तीर से कई निशाने साधने का प्रयास किया है। जिसमें विदर्भ पर फोकस किए जाने के साफ संकेत दिए हैं। क्योंकि उधर, पूर्व विदर्भ में पार्टी के कद्दावार नेता प्रफुल्ल पटेल हैं तो पश्चिम विदर्भ में पार्टी को मजबूत करने के इरादे से संजय खोड़के पर पार्टी ने दांव लगाया है।

आगामी दिनों में महानगर पालिका, जिला परिषद और नगर परिषद के निकाय चुनाव होने है। उसमें राणा दंपति और खोड़के परिवार के बीच राजनीतिक तनातनी किसी से छिपी नहीं है। जिस तरह पहले राणा परिवार में पति रवि राणा विधायक और पत्नी नवनीत सांसद रहीं। अब ठीक उसी तर्ज पर खोड़के परिवार में भी एक साथ दो विधायक हो गए हैं। इसे राणा को शह देने खोड़के को ताकत देने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में शुरू हो गई है। खोड़के बनाम राणा तेज होगी लड़ाई : अमरावती लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र राष्ट्रवादी कांग्रेस के कोटे की सीट रह चुकी है। वर्ष 2014 और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में नवनीत राणा उस समय एकीकृत रही राष्ट्रवादी कांग्रेस की समर्थित उम्मीदवार थी। वर्ष 2014 में हार का सामना करने के बाद भी राष्ट्रवादी कांग्रेस ने वर्ष 2019 में अपना समर्थन घोषित कर खुद अजित पवार प्रचार के लिए अमरावती पहुंचे थे, लेकिन निर्वाचन के बाद निर्दलीय नवनीत ने मोदी को समर्थन दिया। जिसके बाद वर्ष 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा से उम्मीदवारी मिलने के बाद भी नवनीत हार गई।

जिसका ठीकरा फोड़ते हुए रवि राणा ने विधान सभा चुनाव में भाजपा के शहर कार्यालय में सार्वजनिक रूप से सुलभा खोड़के का नाम लिए बगैर कह दिया था कि एक सीट नहीं आई तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जिसे लेकर खुद उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने कड़ी आपत्ति दर्ज कर राणा को ललकारा था। इसी बीच, विधान सभा चुनाव में पूर्व पालक मंत्री जगदीश गुप्ता को खोड़के के खिलाफ मैदान में उतारने के पीछे भी राणा का राजनीतिक दांव होने की चर्चा रही। जिससे खोड़के और राणा परिवार के बीच राजनीतिक तनातनी और बढ़ गई। अब दोनों के बीच यह राजनीतिक लड़ाई तेज होने के आसार व्यक्त किए जा रहे है। उनकी जीत तय होने से अब पति-पत्नी विधायक होंगे। कुशल संगठक खोड़के के नेतृत्व में महानगर पालिका समेत जिले की आधार दर्जन नगर पालिकाओं पर एनसीपी का वर्चस्व रहा। पार्टी अपना यह वैभव दोबारा पाने की चाह रख रही है।

कार्यकर्ताओं मेंं हर्ष की लहर : इस खुश खबरी से उत्साहित राष्ट्रवादी कांग्रेस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने स्थानीय रेेलवे स्टेशन रोड स्थित जनसंपर्क कार्यालय में शाम 6 बजे जमकर खुशियां मनाई ढोल-ताशों और डीजे पर कार्यकर्ता थिरक उठे। नामांकन दाखिल करते समय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उप मुख्यमंत्री अजित पवार, प्रदेश अध्यक्ष सांसद सुनील तटकरे, पूर्व मंत्री छगनराव भुजबल, दिलीप वलसे पाटील, राजस्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले, मंत्री-अनिल पाटील उपस्थित थे। अजित पवार के निकटवर्ती संजय खोड़के प्रशासकीय सेवा से वीआरएस लेकर राजनीति में 25 वर्षों से सक्रिय हंै। राष्ट्रवादी से उनका लगाव और निष्ठा देखते हुए उन्हें उम्मीदवारी दी गई।


Created On :   18 March 2025 1:07 PM IST

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