जब जूते के डॉक्टर पर पड़ी आनंद महिंद्रा की नजर, अब ऐसे करेंगे मदद

डिजिटल डेस्क, मुंबई । कहते हैं अगर कोई भी काम शिद्दत से किया जाए तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। ऐसा ही कुछ हुआ एक जूतों के डॉक्टर यानी एक "मोची" के साथ। शख्स का नाम है नरसीराम, दुनिया की नजर में चाहे ये मोची हों, लेकिन खुद अपनी नजरों में ये जूतों के डॉक्टर हैं, जो हर तरह के जूते को ठीक कर सकते हैं। इसलिए इन्होंने बाकायदा अपनी काम करने वाली जगह पर पोस्टर लगावाए हैं, जिस पर लिखा है "जख्मी जूतों का अस्पताल"। इनकी इस मार्केटिंग स्किल और कॉन्फिडेंस को भले ही दुनिया ने तवज्जो ना दी हो, लेकिन देश की सबसे बड़ी कंपनी में से एक महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को इनका ये अंदाज इस कदर भा गाया कि उन्होंने नरसीराम की मार्केटिंग स्किल को बढ़ावा देने का मन बना लिया। फिर क्या था महिंद्रा ग्रुप ने डॉ नरसीराम की खोज शुरू कर दी और अपनी खोज में कामयाब भी रही।
मार्केटिंग स्किल से इंप्रेस हुए आनंद महिंद्रा
दरअसल आनंद महिंद्रा चाहते थे कि डॉ नरसीराम अपनी मार्केटिंग स्किल के लिए "इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट-IIM" को लेक्चर दें और वो भी जानते हैं कि इतनी बेहतर स्किल के शख्स की जगह सड़क पर नहीं हो सकती, इसलिए वो नरसीराम की मदद करना चाहते हैं। नरसीराम की तस्वीर को उन्होंने पिछले दिनों ट्वीट भी किया था। जिसमें उन्होंने कहा था, "इस इंसान को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में मार्केटिंग के कोर्स को पढ़ाना चाहिए।"
This man should be teaching marketing at the Indian Institute of Management... pic.twitter.com/N70F0ZAnLP
— anand mahindra (@anandmahindra) April 17, 2018
सोशल मीडिया से खोज निकाला जूतों का डॉक्टर
इनकी इस तस्वीर को ट्वीट करते हुए आनंद महिंद्रा ने नरसीराम की मदद करने की मंशा जाहिर की थी। दो हफ्ते से भी कम समय में उनकी टीम हरियाणा में उस शख्स को ढूंढ निकालने में कामयाब रही। जैसा कि महिंद्रा ने अपने ट्वीट में जाहिर किया था कि उनकी टीम इस शख्स की बेहतर तरीके से मदद करने की मंशा भी रखती है।
आनंद महिंद्रा अनूठे तरीके से करने वाले हैं मदद
सोशल मीडिया पर वायरल हुई डॉ नरसीराम के अस्पताल की जिस तस्वीर से आनंद महिंद्रा प्रभावित थे, उसमें एक बूढ़ा शख्स जूतों के मरम्मत करने की दुकान को अस्पताल की तरह लगाए हुए बैठा है। अब आनंद महिंद्रा इस शख्स की मदद एक अनूठे तरीके से करने वाले हैं और इसलिए उन्होंने और उनकी टीम ने हरियाणा नरसीराम को ढूंढ निकाला।
बता दें कि 17 अप्रैल को महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन ने इस तस्वीर को ट्वीट किया था, 62 साल के दिग्गज बिजनेस आइकन को इस "जूतों के डॉक्टर" की अनूठी मार्केटिंग स्ट्रैटजी ने काफी लुभाया। दुकान के पीछे पीले रंग के इश्तिहार में अस्पताल की टाइम टेबल की तरह रूटीन बनी हुई नजर आ रही है। इश्तिहार में खुद को डॉ नरसीराम बताने वाले इस शख्स ने अपनी दुकान को "घायल" जूतों के लिए "अस्पताल" के रूप में प्रोजेक्ट किया है।
Recall my tweet about Narseeji,the cobbler?Our team in Harayana met himasked how we could help.A simplehumble man.Instead of asking for money,he said he needed a good workspace. I asked our Design Studio team from Mumbai to design a kiosk that was functionalyet aesthetic.(1/2) pic.twitter.com/Oefr69yAy1
— anand mahindra (@anandmahindra) April 28, 2018
मोबाइल वैन गिफ्ट कर नरसीराम के काम को देंगे बढ़ावा
नरसीराम ने आनंद महिंद्रा की टीम से रुपए मांगने के बाजाए काम करने की बेहतर जगह की जरूरत के बारे में अपनी मंशा जाहिर की। आनंद महिंद्रा ने मुंबई स्थित अपने डिजाइन स्टूडियो की टीम को नरसीराम के लिए एक चलती-फिरती दुकान तैयार करने को कहा है। उन्होंने सड़क पर सामान बेचने वाले लोगों के लिए चलती-फिरती दुकानों के आइडिया को सामने रखा है जिससे उनका काम और बेहतर तरीके और सुंदरता से हो सकेगा।
They flew down to meet himproduced these ideas. We would be delighted to get your inputs on the analysis approaches which you prefer. We want to design something that enhances the pavement aesthetic hopefully create a template for roadside vendors..(2/2) pic.twitter.com/bNRB9bkJOi
— anand mahindra (@anandmahindra) April 28, 2018
Created On :   1 May 2018 9:04 AM IST