मध्यप्रदेश: विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग, सर्व आदिवासी समाज ने सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग, सर्व आदिवासी समाज ने सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
  • कलेक्ट्रेट पहुंचा सर्व आदिवासी समाज
  • विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग
  • मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

डिजिटल डेस्क, पन्ना। सर्व आदिवासी समाज के तत्वाधान में अध्यक्ष देवू गौड के नेतृत्व में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें आदिवासियों के सांस्कृतिक पर्व विश्व आदिवासी पर्व 9 अगस्त 2024 के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की गई।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मध्य प्रदेश देश का सर्वाधिक आदिवासी जनसंख्या वाला राज्य है। जिसमें अलग-अलग आदिवासी समुदाय अपनी विशेष संस्कृति, अनूठी परम्पराओं एवं रीति-रिवाजों के लिए अपनी एक अलग संवैधानिक पहचान रखते हैं। जिसे संरक्षित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने दिसम्बर 1994 में प्रतिवर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। वर्षों से देश के कई राज्यों में आदिवासी समाज 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में वृहद स्तर पर हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाते आ रहा है। ज्ञापन में आगे उल्लेख किया गया कि वर्ष 2019 एवं 2020 में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने आदिवासी की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था।

आगामी 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर यदि प्रदेश सरकार सार्वजनिक अवकाश घोषित करती है तो यह प्रदेश के करोडों आदिवासियों की जनभावनाओं का सम्मान करने वाले कदम के रूप में देखा जायेगा। इस अवसर पर किसान नेता जयराम यादव, शशिकांत दीक्षित, बाला लोधी, दशरथ सिंह यादव, दीपेन्द्र गौड, सचिन सिंह, अरविन्द गौड, अभिषेक चौरसिया, सुरेन्द्र सिंह, रामप्रसाद वर्मा आदि उपस्थित रहे।

Created On :   1 Aug 2024 5:43 PM GMT

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