भास्कर एक्सक्लूसिव: बिहार चुनाव के लिए सीएम नीतीश क्यों हैं जरूरी? क्या है बीजेपी के लिए मजबूरी, समझें सबकुछ

- करीब छह महीने बाद होने वाले हैं बिहार चुनाव
- सभी पार्टियों ने चुनावी तैयारियां की तेज
- नीतीश कुमार के साथ ही बीजेपी लड़ रही है चुनाव
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक है। राज्य में इस वक्त बीजेपी और जेडीयू के बीच गठबंधन की सरकार है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों ही पार्टियों ने तैयारियां तेज कर दी है। हालांकि, बीजेपी और जेडीयू में रह रहकर मतभेद सामने आते रहते हैं। लेकिन बिहार बीजेपी के सीनियर नेता लगातार यही कहते रहते हैं कि पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेगी। हालांकि, बीजेपी नेता चुनाव के बाद नीतीश कुमार के सीएम बने रहने पर चुप्पी साध लेते हैं। ऐसे में समझने की कोशिश करते हैं कि बिहार में बीजेपी के लिए नीतीश कुमार क्यों जरूरी हैं? ऐसी क्या मजबूरी है जो बीजेपी नीतीश कुमार का साथ नहीं छोड़ना चाहती है?
सुशासन बाबू की छवि है इम्पैक्टफुल
साल 2005 में नीतीश कुमार बिहार के सीएम बने। इसके बाद उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था को बेहतर करने में अहम भूमिका निभाई। बिहार की छवि पहले अपराध और फिरौती के रूप वाले राज्य के तौर पर थी। जिसे सुधारने में नीतीश सफल रहे। राज्य में आपराधिक घटना कम होने लगी। जिसके चलते राज्य में नीतीश कुमार की छवि सुशासन बाबू की बनी। जीतन राम मांझी के छह महीने के सीएम कार्यकाल को छोड़ दे तो नीतीश कुमार बीते 20 साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। इस दौरान राज्य में कम ही बड़ी आपराधिक घटना देखने को मिली है। जिसके चलते राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष कभी भी नीतीश कुमार पर हमलावर दिखाई नहीं देता है।
साफ-सुथरी छवि नीतीश की पहचान
विरोधियों के मुकाबले में नीतीश कुमार की पहचान साफ सुथरे नेता के तौर पर होती है। राज्य में नीतीश सरकार के कार्यकाल के दौरान किसी भी तरह के बड़े घोटाले में उनका नाम सामने नहीं आया है। राजनीति में इतने लंबे समय तक रहने के बाद भी उनका साफ राजनीतिक करियर भी हर किसी पार्टी को अपनी ओर आकर्षित करता है।
यह मुद्दे भी करते हैं आकर्षित
इसके अलावा हलफनामे के हिसाब से भी उनकी संपत्ति ज्यादा नहीं है। वहीं, बिहार की ग्रोथ रेट बढ़ाने में कई सारी भूमिका नीतीश कुमार के नाम हो गई है। साथ ही, राज्य में नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान कई सारी योजनाओं को सफल करके दिखाया है। सात निश्चय योजना की भी राज्य में खूब तारीफ देखने को मिलती है। इसके अलावा हर गांव में सड़क, स्कूल, पानी और बिजली की उपलब्धता ने भी जनता में नीतीश की छवि मजबूत कर रखी है। वहीं, जातीय समीकरण भी नीतीश कुमार के साथ काम करते हुए दिखाई देते हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार की क्या भूमिका होती है? लेकिन यह साफ है कि नीतीश कुमार के बीते 20 साल की राजनीतिक करियर ने हर किसी को चौंकाया है। जिसके चलते भी नीतीश कुमार का साथ बीजेपी और आरजेडी नहीं छोड़ना चाहती है।
Created On :   26 March 2025 6:52 PM IST