बिहार: कोई अपना घर, गांव छोड़कर नहीं जाना चाहता- कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार

कोई अपना घर, गांव छोड़कर नहीं जाना चाहता- कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार
  • पलायन रोको, नौकरी दो के नारे
  • 27 मार्च को मधेपुरा और 28 मार्च को सुपौल पहुंचेगी पदयात्रा
  • 16 मार्च को पश्चिम चंपारण से शुरू हुई थी पदयात्रा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार में चुनावी साल होने के चलते तमाम राजनीतिक दलों के नेता जनता को लेकर तरह तरह के लुभावने नारे दे रहे है। कोई दल रणनीति बना रहा है तो कई बैठक कर रहा है। चुनावी साल में मांगों का दौर भी जारी है। चुनाव में बिना पदयात्रा निकाले उतरा जाए ऐसा शायद ही कभी हुआ हो। कांग्रेस भी चुनावी साल में पदयात्रा निकाल रही है। पदयात्रा में पलायन रोको, नौकरी दो के नारे जोर शोर से गूंज रहे है।

पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी चुनाव के चुनावी घोषणापत्र में पलायन मुख्य मुद्दा होगा। कुमार ने रोजगार को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा। कुमार ने नीतीश सरकार पर युवाओं को रोजगार देने में विफल रहने का आरोप लगाया। इस दौरान भारी संख्या में युवा शामिल हुए।

कांग्रेस नेता कहा कि पलायन की मुख्य वजह शिक्षा ,स्वास्थ्य , रोजगार और कानून व्यवस्था की कमी है। ये चार चीजें सही व्यवस्थित हुई तो कोई बिहारी अपना घर, गांव छोड़कर नहीं जाना चाहता है। कुमार ने बीजेपी पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया। कन्हैया कुमार ने कहा यात्रा भी बिहार के युवाओं की आवाज बनेगी। कुमार ने कहा पलायन के कारणों को रोकना होगा।

आपको बता दें ये यात्रा 16 मार्च को पश्चिम चंपारण से शुरू हुई थी। आज बुधवार को ये यात्रा सहरसा पहुंची। सहरसा में पदयात्रा कोसी चौक से होते हुए कांग्रेस ऑफिस तक गई। कांग्रेस की यह पदयात्रा 27 मार्च को मधेपुरा और 28 मार्च को सुपौल पहुंचेगी। विभिन्न जिलों से निकलते हुए ये यात्रा बिहार की राजधानी पटना में खत्म होगी। यात्रा का एक मात्र मुख्य उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सरकार पर दबाव बनाना है। कांग्रेस का प्रयास है कि यात्रा का संदेश बिहार के कोने कोने तक पहुंचे।

Created On :   26 March 2025 7:42 PM IST

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