चेतावनी: बांग्लादेश में अराजकता ही अराजकता , सेना प्रमुख ने यूनुस सरकार को कहा भला बुरा

- खतरे में पड़ सकती है बांग्लादेश की संप्रभुता
- बीते कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंसा, तोड़फोड़ और दंगे हुए
- हसीना सरकार के पतन के बाद सेना को विशेष अधिकार मिले
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश चीफ आर्मी जनरल वाकर-उज-जमान ने देश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए यूनुस सरकार को घेरा है। पिछले साल के अगस्त महीने में छात्र आंदोलन के बाद पीएम शेख हसीना को कुर्सी छोड़कर देश से भागना पड़ा। इसके बाद सेना को पुलिस जैसी गिरफ्तारी और न्यायिक शक्तियां मिल गई थीं। इस दौरान सेना पर कई तरह के आरोप प्रत्यारोप लगे। जनरल जमान ने कहा कि इन आरोपों की जांच जरूरी है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए ,नहीं तो हम फिर से उसी चक्र में फंस जाएंगे।
सेना प्रमुख ने आगामी आम चुनावों को लेकर भी भविष्यवाणियां की। हसीना की सत्ता से बेदखली के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार बनी। जनरल जमान ने आगामी चुनावों में यूनुस सरकार को समर्थन देने की अपील की है।
सेना प्रमुख ने मौजूदा सरकार से दो टूक कहते हुए कहा आज देश के मौजूदा अराजकता हमने देखी है, वह हमारी खुद की बनाई हुई है। सियासी उथल-पुथल के चलते राष्ट्र के हालात खराब हुए। कई अधिकारी डर हुए है। उन्होंने पुलिस बल की अक्षमता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कई अफसरों के साथी या तो जेल में हैं या उन पर केस चल रहे हैं।
सेना प्रमुख ने आगे कहा कि अब देश में राष्ट्रीय एकता और अनुशासन की सख्त जरूरत है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा अगर समाज में झगड़े और खून-खराबा जारी रहा तो देश की आजादी और अखंडता खतरे में पड़ सकती है। अब हम सब को आपसी मतभेद बुलाकर एक होने की जरूरत है। एक नहीं हुए तो देश का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।
आपको बता दें कुछ दिनों से बांग्लादेश में भारी हिंसा तोड़फोड़ और दंगे बढ़ गए हैं। सुरक्षा बलों को ऑपरेशन डेविल हंट नाम से एक बड़ा अभियान चलाना पड़ा। इसमें 8,600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।
Created On :   27 Feb 2025 6:19 PM IST