Shani Amavasya 2025: शनि अमावस्या पर 2000 साल बाद बन रहा है अद्भुत संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

  • इस महीने की अमावस्या 29 मार्च 2025 को है
  • शनि अमावस्या की पूजा से कृपा प्राप्त होती है
  • साढ़ेसाती, ढैय्या, महादशा से निजात मिलती है

डिजिटल डेस्क, भोपाल। हिंदू शास्त्रों में अमावस्या तिथि का काफी महत्व बताया गया है। फिलहाल, चैत्र माह चल रहा है और इस महीने की अमावस्या 29 मार्च 2025 को है। शनिवार का दिन होने के चलते इसे शनि अमावस्या के नाम से जाना जाएगा। यह पर्व शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए अच्छा माना जाता है। साथ ही साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा जैसे शनि से जुड़े दोषों से निजात पाने के लिए शनि अमावस्या पर शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व होता है।

इस दिन भगवान शनि को प्रसन्न करने के लिए लोग व्रत रखते हैं और शनि मंदिरों में जाते हैं। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, शनि अमावस्या के दिन इस बार 2000 साल बाद महासंयोग बन रहा है, जिस दिन शनिवार, सूर्यग्रहण और शनि अमावस्या तीनों एक साथ पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं इस योग, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में...

तिथि कब से कब तक

शनि अमावस्या तिथि प्रारंभ: 28 मार्च 2025 की शाम 7 बजकर 55 मिनट से

शनि अमावस्या तिथि समापन: 29 मार्च 2025 की शाम 4 बजकर 27 मिनट पर

इन मंत्रों का करें जप

“ॐ शं शनैश्चराय नमः।”

“नमः सूर्यपुत्राय पथसाधकाय नमः।”

“ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।”

“ॐ कालो कालाय विद्महे। सर्वश्रेष्ठाय धीमहि। तन्नः कालः प्रचोदयात्॥”

ऐसे करें पूजा

- शनि अमावस्या के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त हों।

- घर के मंदिर की सफाई करें और व्रत का संकल्प लें।

- पूजा के दौरान बाद एक लकड़ी के पाट पर काला कपड़ा बिछाएं।

- इस कपड़े पर शनि देव की प्रतिमा या फोटो या एक सुपारी रखें।

- इसके बाद दोनों ओर शुद्ध घी व तेल का दीपक जलाकर धूप जलाएं।

- इस शनि स्वरूप के प्रतीक को जल, दुग्ध, पंचामृत, घी, इत्र से स्नान कराएं।

- शनि देव को इमरती, तेल में तली वस्तुओं का नैवेद्य लगाएं।

- नैवेद्य से पहले उन पर अबीर, गुलाल, सिंदूर, कुमकुम और काजल लगाकर नीले या काले फूल अर्पित करें।

- नैवेद्य अर्पण करके फल व ऋतु फल के संग श्रीफल अर्पित करें।

- पूजा के दौरान शनि स्त्रोत का पाठ करना बहुत उत्तम रहता है।

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   27 March 2025 10:03 PM IST

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