Chaitra Navratri 2025: जानें मां कात्यायनी की पूजा विधि और मंत्र, इस खास चीज का लगाएं भोग

जानें मां कात्यायनी की पूजा विधि और मंत्र, इस खास चीज का लगाएं भोग
  • मां कात्यायनी नवदुर्गा देवी का छठवां रूप है
  • मां कात्यायनी ने महिषासुर का वध किया था
  • माता की पूजा करने से कार्य सिद्ध होते हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के दौरान पूरे नौ दिनों तक माता के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। इनमें से मां कात्यायनी नवदुर्गा देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवां रूप है। मां कात्यायनी ने ही महिषासुर का वध किया था, इसलिए इन्हें महिषासुर मर्दनी के नाम से भी पुकारा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि, माता की पूजा करने से सभी कार्य सिद्ध होने के साथ ही जीवन में सुख-शांति और समृद्धि में वृद्धि होती है।

इसके अलावा माता की आराधना से सभी रोग व कष्ट दूर होते हैं। पंडित जी के अनुसार, मां कात्यायनी की पूजा में देवी को शहद या शहद से बने हलवे को भोग लगाना चाहिए। इससे मां प्रसन्न होती हैं और आर्शीवाद प्रदान करती हैं। आइए जानते हैं पूजा विधि के बारे में...

मां कात्यानी का स्वरूप

मां कात्यानी सिंह पर विराजमान हैं और इनकी चार भुजाएं हैं, इनमें से दाहिनी तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में है। वहीं नीचे वाला हाथ वरमुद्रा में है। जबकि, बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार और नीचे वाले हाथ में कमल-पुष्प है। देवी का ये स्वरूप अत्यंत चमकीला और भास्वर है।

पूजा विधि

- सबसे पहले पूजा की चौकी पर साफ लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर मां कात्यायनी की मूर्ति रखें।

- इसके बाद गंगाजल से पूजा घर और घर के बाकी स्थानों को पवित्र करें।

- वैदिक मंत्रोच्चार के साथ व्रत का संकल्प पढ़ें एवं सभी देवी-देवताओं को नमस्कार करते हुए षोडशोपचार पूजन करें।

- देवी कात्यायनी की पूजा करते समय मंत्र का जप करें।

- अब पूजा में गंगाजल, कलावा, नारियल, कलश, चावल, रोली, चुन्‍नी, अगरबत्ती, शहद, धूप, दीप और घी का प्रयोग करें।

- मां कात्यायनी को शहद अति प्रिय है। इसलिए पूजा में देवी को शुद्ध शहद अर्पित करें।

- माता को हलवे का भोग लगाएं और प्रार्थना करें।

- पूजा के आखिर में माता की आरती करें।

मन्त्र

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥

कंचनाभा वराभयं पद्मधरां मुकटोज्जवलां।

स्मेरमुखीं शिवपत्नी कात्यायनी नमोस्तुते॥

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   3 April 2025 5:15 PM IST

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