- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- अनूपपुर
- /
- इंदिरा गांधी जनजातीय विवि में 150...
Anuppur News: इंदिरा गांधी जनजातीय विवि में 150 से अधिक छात्राएं मेस का खराब खाना खाने से हुईं बीमार

- फूड प्वाइजनिंग की घटना के बाद सीएमएचओ और डॉक्टरों की टीम ने मेगा मेस (जहां खाना बनाया जाता है) का निरीक्षण किया।
- बीमार छात्राओं के अनुसार सोमवार रात जब वे भोजन करने भोजनालय (मेस) में गई, जहां उन्हे सुबह का पुलाव परोसा गया।
Anuppur News: इंदिरा गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय (अमरकंटक) की 150 से अधिक छात्राएं हॉस्टल में मेस का खराब खाना खाने से बीमार पड़ गईं। सोमवार रात हुई इस घटना से गल्र्स हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। विवि प्रबंधन छात्राओं को आनन-फानन में एम्बुलेंस से छत्तीसगढ़ के पेंड्रा अस्पताल लेकर पहुंचा। फूड प्वाइजनिंग से बीमार हुईं सभी छात्राएं अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी रजनीश त्रिपाठी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी बच्चे स्वस्थ हैं। उनसे बात भी की गई है। विश्वविद्यालय स्तर पर एक समिति गठित कर जांच के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार और मेस वार्डन के साथ बैठक करने के बाद जांच कमेटी बनाई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
सुबह बना पुलाव रात को खाने में दिया
घटना के संबंध में हासिल जानकारी के अनुसार सोमवार रात विवि के बालिका छात्रावास के भोजनालय (मेस) में भोजन करने के बाद छात्राओं को सिरदर्द, पेट दर्द और उल्टियां होने लगीं। प्रबंधन को जैसे ही इसकी जानकारी लगी बीमार छात्राओं को लेकर समीपी पेंड्रा (छत्तीसगढ़) के अस्पताल लेकर पहुंचा। फूड प्वाइजनिंग से बीमार होने वालों में दो केयर टेकर भी शामिल हैं। बीमार छात्राओं के अनुसार सोमवार रात जब वे भोजन करने भोजनालय (मेस) में गई, जहां उन्हे सुबह का पुलाव परोसा गया।
पहले भी हुईं शिकायतें, ध्यान नहीं दिया
सूत्रों के अनुसार मेस में खराब खाना मिलने की शिकायत छात्राओं द्वारा पूर्व में भी कई बार की गई लेकिन प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। आरोप हैं कि 2024 में ब्लैकलिस्टेड किए जा चुके व्यक्ति/फर्म को विश्वविद्यालय के सभी मेस का टेंडर दे दिया गया है।
इधर फूड प्वाइजनिंग की घटना के बाद सीएमएचओ और डॉक्टरों की टीम ने मेगा मेस (जहां खाना बनाया जाता है) का निरीक्षण किया। बने हुये भोज्य पदार्थों और कच्ची सामग्री के सेंपल लिए। तेल और पानी के सेंपल लेकर भी परीक्षण हेतु भेजा गया है।
Created On :   26 Feb 2025 2:10 PM IST