तमिलनाडु सियासत: 'जल्दी-जल्दी बच्चे पैदा करो...', सीएम एमके स्टालिन ने परिसीमन को लेकर दिया बड़ा बयान

- एमके स्टालिन ने परिसीमन को लेकर दिया बड़ा बयान
- कहा- 'जल्दी-जल्दी बच्चे पैदा करो...'
- भाषा को लेकर भी चल रहा टकराव
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। परिसीमन और हिंदी भाषा को लेकर दक्षिण भारत की सियासत गर्म है। इस बीच तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने अपने राज्य की जनता से कहा है कि उन्हें जल्दी-जल्दी बच्चे पैदा करने होंगे। सीएम ने कहा परिवार नियोजन को सफलतापूर्वक लागू करना ही अब नुकसानदायक साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जनसंख्या के आधार पर परिसीमन किया जाता है तो तमिलनाडु को कई सीटों का नुकसान हो जाएगा। दक्षिण भारत की सीटें कम हो जाएंगे। दक्षिण का केंद्र में प्रतिनिधित्व और दबदबा कम हो जाएगा।
जल्दी-जल्दी बच्चे पैदा करो- स्टालिन
स्टालिन ने आगे कहा कि पहले हम कहा करते थे कि बच्चों के बीच अंतर होना चाहिए। लेकिन अब हमें कहना पड़ रहा है कि जल्दी-जल्दी बच्चे पैदा करो। इससे पहले सर्वदलीय बैठक के दौरान स्टालिन ने कहा था कि सभी को एक साथ मिलकर तमिलनाडु के भविष्य को लेकर विचार करना होगा। हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़ेगा। बता दें कि, एमके स्टालिन नई शिक्षा नीति का भी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि तमिलनाडु के लोगों पर हिंदी को जबरन थोपा जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) राज्यों पर हिंदी नहीं थोपेगी। इस संबंध में तमिलनाडु के विरोध के पीछे 'राजनीतिक कारण' है।
भाषा को लेकर भी चल रहा टकराव
शिक्षा मंत्री ने एनईपी और तीन भाषा नीति के कार्यान्वयन को लेकर तमिलनाडु सरकार और केंद्र में टकराव के बीच आई है। शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा- मैं कुछ लोगों की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का जवाब नहीं देना चाहता। एनईपी 2020 भारत की विभिन्न भाषाओं पर केंद्रित है। वह हिंदी हो या फिर तमिल हो, उड़िया हो या फिर पंजाबी हो। सभी भाषाओं का समान महत्व है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने शुक्रवार को कहा था कि एआई के युग में स्कूलों में किसी भी भाषा के रूप में लागू करना अनावश्यक है। उन्होंने एक्स पर लिखा- उन्नत अनुवाद तकनीक पहले ही भाषा संबंधी बाधाओं को तुरंत दूर कर देती है। छात्रों पर अतिरिक्त भाषाओं का बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।
Created On :   3 March 2025 5:19 PM IST