राजनीति: कला के माध्यम से हम लोगों ने सनातन संस्कृति को जिंदा रखा है धीरज कुमार

कला के माध्यम से हम लोगों ने सनातन संस्कृति को जिंदा रखा है  धीरज कुमार
टेलीविजन निर्माता-निर्देशक धीरज कुमार ने बुधवार को नवी मुंबई में इस्कॉन मंदिर के उद्घाटन पर कहा, "कला के माध्यम से हम लोगों ने सनातन संस्कृति को जिंदा रखा है।"

नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। टेलीविजन निर्माता-निर्देशक धीरज कुमार ने बुधवार को नवी मुंबई में इस्कॉन मंदिर के उद्घाटन पर कहा, "कला के माध्यम से हम लोगों ने सनातन संस्कृति को जिंदा रखा है।"

उन्होंने कहा कि मैं आईएएनएस के माध्यम से सभी को शुभकामनाएं देना चाहता हूं। पीएम नरेंद्र मोदी यहां पर आए उन्होंने इस्कॉन की भव्यता के बारे में विस्तार से बात की। इस्कॉन के योगदान को पीएम मोदी ने सराहा है। इस्कॉन के प्रमुख प्रभु दास जी ने मुझे निमंत्रण दिया। मुझे लगा था कि कार्यक्रम का स्तर थोड़ा छोटा होगा। लेकिन, यहां पर भव्य रूप से कार्यक्रम हुआ। लोगों की ओर से भरपूर प्यार और स्नेह मिला। जीवन राधे-राधे श्याम हो गया है। मैं दोबारा जरूर आऊंगा और इस्कॉन मंदिर का दर्शन करूंगा।

ह‍िंंदुत्‍व पर उन्होंने कहा कि हिंदुत्व को प्रमुखता दी जा रही है और हमारे प्रधानमंत्री मोदी इसे लेकर कहते हैं, तो मैं कहना चाहता हूं कि हां मैं ह‍िंदू हूं। हम अगर हिंदू भावना के तहत काम कर रहे हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं होनी चाहिए। कला के माध्यम से हम लोगों ने सनातन संस्कृति को जिंदा रखा है। हमें गर्व होना चाहिए कि हमारे प्रधानमंत्री राष्ट्र के लिए इतना सोचते हैं। हम गर्व से कह सकते हैं कि हम हिंदू हैं और हिंदू राष्ट्र में रहते हैं।

हिंदू राष्ट्र घोषित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर मैं इस पर बयान दूं तो थोड़ा अटपटा सा लगेगा। लेकिन मैं इतना कहना चाहता हूं कि हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि हम हिन्दू हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नवी मुंबई में इस्कॉन मंदिर का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने दौरान कहा, "भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाने वाले श्रील प्रभुपाद स्वामी जी के प्रयास आज भी सभी देशवासियों को प्रेरित करने वाले हैं।"

पीएम ने कहा, "श्रील प्रभुपाद जी ने इस्कॉन के माध्यम से गीता को लोकप्रिय बनाया। अलग-अलग कालखंड में जन्मे कई और संतों ने भी भक्ति के प्रकाश से समाज को नई दिशा दी है।"

उन्होंने आगे कहा कि हमारे सभी धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों के मूल में सेवा भावना ही है। मुझे संतोष है कि हमारी सरकार भी इसी सेवा भावना के साथ लगातार देशवासियों के हित में काम कर रही है।

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Created On :   15 Jan 2025 11:24 PM IST

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