महंगाई से थोड़ी राहत : खुदरा महंगाई दर अगस्त में घटकर 5.30% पर पहुंची, सब्जियों के दामों में आई कमी से दिखी मामूली गिरावट

September 13th, 2021

हाईलाइट

  • भारत की अगस्त की खुदरा महंगाई दर में जुलाई की तुलना में गिरावट
  • 5.59 प्रतिशत की तुलना में मामूली रूप से घटकर 5.30 प्रतिशत हो गई
  • खाद्य कीमतों में गिरावट के कारण अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट आई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत की खुदरा महंगाई दर जुलाई के 5.59 प्रतिशत की तुलना में अगस्त में मामूली रूप से घटकर 5.30 प्रतिशत हो गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति लगातार दूसरे महीने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 2 फीसदी से 6 फीसदी के लक्ष्य के दायरे में रही है। 

खाद्य कीमतों में गिरावट के कारण अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट आई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी ताजा मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त में खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 3.11 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 4 प्रतिशत थी।

सब्जियों के दाम कम होने की वजह से खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट आई है। हालांकि फ्यूल एंड लाइट और क्लोदिंग एंड फुटवेयर इंफ्लेशन में मामूली तेजी देखने को मिली है। फ्यूल एंड लाइट इंफ्लेशन 12.38% से बढ़कर 12.95% हो गया है तो वहीं क्लोदिंग एंड फुटवेयर इंफ्लेशन 6.46% से बढ़कर 6.84% पर पहुंच गया है।

अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति अर्थशास्त्रियों की भविष्यवाणी की तुलना में कम है। हालांकि, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कुछ दिनों कहा था कि फिलहाल खुदरा मुद्रास्फीति की 6 प्रतिशत की सीमा को पार करने की संभावना नहीं है।

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क्या होता है CPI इंडेक्स?
CPI यानि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक। यह रिटेल महंगाई का इंडेक्स है। रिटेल महंगाई वह दर है, जो जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। यह खुदरा कीमतों के आधार पर तय की जाती है। भारत में खुदरा महंगाई दर में खाद्य पदार्थों की हिस्सेदारी की करीब 45% है।

दुनिया भर में ज्यादातर देशों में खुदरा महंगाई के आधार पर ही मौद्रिक नीतियां बनाई जाती हैं। भारत में खुदरा महंगाई दर में खाद्य और पेय पदार्थ से जुड़ी चीजों और एजुकेशन, कम्युनिकेशन, ट्रांसपोर्टेशन, रीक्रिएशन, अपैरल, हाउसिंग और मेडिकल केयर जैसी सेवाओं की कीमतों में आ रहे बदलावों को शामिल किया जाता है।

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