चीन को उसी के घर में घेरने की बड़ी तैयारी! वियतनाम को हथियारों से लेस INS कृपाण गिफ्ट करेगा भारत

  • चीन के साथ वियतनाम का सीमा विवाद है।
  • वियतनाम की मदद भारत ने पहले भी की है।
  • 'कृपाण' कई हथियारों से लैस है।

Bhaskar Hindi
Update: 2023-07-22 17:27 GMT

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली।  भारतीय सेना बीते कुछ सालों से लगातार अपने रक्षा बेड़े में तेजी से वृद्धि कर रही है। ताकि दुश्मन देश आंख उठाकर देखने की कोशिश न करे। वहीं भारत अपने दोस्त देशों की सेना को भी मजबूत करने के इरादे से उनकी मदद करता रहा है। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार शनिवार (22 जुलाई) को दक्षिण चीन सागर में बने एक मिलिट्री बेस पर वियतनाम की नौसेना को एक ऑपरेशनल स्वदेशी जंगी जहाज 'कृपाण' उपहार में देंगे। बता दें बीते महीने ही वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग भारत आए थे। उनके इस दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका स्वागत करते हुए वियतनाम को आईएनएस कृपाण गिफ्ट देने की घोषणा की थी। 'कृपाण' कई हथियारों से लैस है। जो कई अभियानों में शामिल रह चुका है।

चीन को उसी के घर में घेरेगा भारत

अन्य पड़ोसी देशों की तरह ही वियतनाम के साथ भी चीन के संबंध सही नही हैं। इन देशों के साथ चीन का जमीन का विवाद है। वियतनाम की उत्तरी सीमा चीनी सीमा से लगी हुई है। वहीं पूर्व में दक्षिण चीन सागर है। भारत और वियतनाम के संबंध पूर्व से ही सौहार्द पूर्ण है। भारत ने कई बार वियतनाम की मदद की है। 1979 के चीन-वियतनाम युद्ध में भी भारत ने वियतनाम की मदद किया था। जिसके चलते चीन को मुंह की खानी पड़ी थी।

अब भारत स्वदेशी ऑपरेशनल जंगी जहाज 'कृपाण' वियतनाम के गिफ्ट दे रहा है। भारत के इस कदम को अलग-अलग नजरिये से देखा जा रहा है। वहीं रणनीतिक जानकार यह कह रहे हैं कि भारत इस कदम से चीन को उसी के घर में घेरने में सक्षम होगा।

बता दें कि स्वदेशी रूप ने बनाया गया जंगी जहाज कृपाण 8 जुलाई को कैम रन्ह अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह पहुंचा था। उस दौरान वियतनाम की पीपुल्स नेवी ने भी इसका स्वागत किया था।

इंडिया टुडे ने अपनी एक रिपोर्ट में शीर्ष अधिकारियों के हवाले से बताया कि युद्घपोत वियतनाम के नौसैनिक ठिकाने पर पहुंच रहा है। रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि वहां पहले इसे नौसेना से सेवामुक्त किया जाएगा। इसके बाद नेवी चीफ एडमिरल आर हरि कुमार इसे वियतनामी नौसेना को सौंप देंगे।

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