आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का पवई नगर में भव्य स्वागत
पवई आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का पवई नगर में भव्य स्वागत
डिजिटल डेस्क, पवई । अध्यात्म योगी परम तपस्वी परम पूज्य 108 आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का 27 पिच्छी के साथ 24 मई 202२ सोमवार को प्रात: 7:30 बजे जैन समाज पवई एवं सैकड़ों नगर वासियों गणमान्य नागरिकों के द्वारा धूमधाम के साथ पवई नगर में आगमानी की गई। सलेहा चौराहा मेन रोड पवई से जैन मंदिर तक सभी जगह श्रद्धालुओं के द्वारा अपने अपने घरों के सामने रंगोली और चौक सजाकर भव्य स्वागत करते हुए चरण पखारे। आहार चर्या के पश्चात दोपहर 3 बजे से आचार्य श्री की पूजन एवं बाहर से पधारे अतिथियों का जैन समाज पवई के द्वारा स्वागत सत्कार करते हुए सम्मान किया गया इसके पश्चात सभी के निवेदन पर आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में सांसारिक गतिविधियों और प्रत्येक प्राणी आत्मा के स्वरूप परिवर्तन पर सत्य का बोध कराते हुए बताया किए इस सृष्टि में कोई भी वस्तु पदार्थ ऐसा नहीं है जो नष्ट नहीं होता एजो उत्पन्न हुआ उसे नष्ट होने से रोकने का सामर्थ किसी में नहीं है ए और दूसरी तरफ नाश ही उत्पत्ति का कारण है। जैसे कोई भी जीव प्राणी जिस अवस्था स्वरूप में था। उससे नष्ट होकर ही वर्तमान अवस्था में है। जैसे कोई जीव प्राणी मर कर ही किसी मां के गर्भ में पुत्र बनता है। सरल भाषा में कहें तो धरती के गर्भ से सोना खनिज धरती पृथ्वी को छोडक़र गहना या कलश का स्वरूप प्राप्त करता हेै प्रत्येक बेटी माता पिता को छोडक़र ससुराल जा कर बहू बनती है जिसने जन्म लिया है उसका मरण तय है और मरण के पश्चात उत्पत्ति होना भी तय है। 29 मई 2022 से आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन प्रस्तावित है तिवरी जिला कटनी मैं भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां जोरों से चल रही है। जिसमें वहां के नवयुवक मंडल और समाज के गणमान्य नागरिकों के द्वारा आचार्य श्री का बिहार कराया जा रहा है।