अधिकारियों की प्रताड़ना के कारण हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत, संगठन का आरोप

अधिकारियों की प्रताड़ना के कारण हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत, संगठन का आरोप

Bhaskar Hindi
Update: 2017-12-30 07:49 GMT
अधिकारियों की प्रताड़ना के कारण हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत, संगठन का आरोप

डिजिटल डेस्क नरसिंहपुर। अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों के बीच शुरु हुआ तनातनी का माहौल आंदोलन समाप्त होने के बाद भी लगातार जारी है। साईखेड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिरसिरी में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता त्रिवेणी की गत दिवस मृत्यु हो जाने पर तनातनी और बढ़ गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संगठन का आरोप है कि अधिकारियों की प्रताडऩा के कारण ही उनकी मौत हुई।
इस घटना को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया साथ ही अधिकारियों पर प्रताडऩा का आरोप लगाते हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर प्रकरण दर्ज कराने की मांग की है। रैली एवं ज्ञापन के पूर्व हुई बैठक को संबोंधित करते हुए संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वरी मेश्राम ने कहा कि किसी भी स्थिति में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभाग के अधिकारियों पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाया। साथ ही स्व. त्रिवेणी शर्मा को श्रद्वाजंलि देकर उनके निधन पर गहरा दुख प्रगट किया गया।
निकाली रैली, सौंपा ज्ञापन
बैठक के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने जनपद मैदान से नरसिंह भवन तक रैली निकाली तथा पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम सिरसिरी में पदस्थ रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता त्रिवेणी शर्मा की 25 दिसम्बर को हुई मौत जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सुपरवाइजर द्वारा प्रताडऩा दिए जाने की वजह से हुई है। विगत कुछ महीनो से उन्हें मानदेय नहीं दिया गया था इसके अलावा नौकरी से हटाने का नोटिस भी दिया गया था। 24 दिसम्बर सुपरवाइजर शिवानी नामदेव ने उसे फोन पर धमकी देकर सेवा समाप्त करने की बात की थी जिसकी वजह से वह सदमे में आ गई और उनकी मौत हो गयी।
जिम्मेदार अधिकारियों पर हो प्रकरण दर्ज
ज्ञापन में बताया गया है कि 26 दिसम्बर को अमानवीयता और असंवेदनशीलता दिखाते हुए सुपरवाइजर दो कर्मचारियों के साथ त्रिवेणी शर्मा के घर पहुंची और परिजनों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए, परिजनों को यह झूठा आश्वासन दिया कि मौत के बाद कुछ सहायता राशि दिलायी जायेगी, जबकि हस्ताक्षर कराना एक पडयंत्र है। ज्ञापन में मांग की गयी है कि उनकी मौत के लिए दोनों जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्व प्रकरण दर्ज किया जाये। यदि प्रकरण दर्ज नहीं किया तो संगठन आंदोलन करेगा। उक्त मौके पर जिला इकाई की अध्यक्ष शकुन राजपूत के अलावा संगठन की अन्य पदाधिकारी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकायें बड़ी संख्या में मौजूद थीं।
नियमित रूप से किया गया मानदेय का भुगतान
और इधर जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा नरसिंहपुर श्वेता जाधव का कहना है कि उनके विभाग द्वारा एकीकृत बाल विकास परियोजना सांईखेड़ा के अंतर्गत सिरसिरी के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक- एक की कार्यकर्ता रहीं त्रिवेणी शर्मा को नियमित रूप से मानदेय एवं अतिरिक्त मानदेय का भुगतान किया गया था। इस केन्द्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रहीं त्रिवेणी शर्मा को मार्च-2017 से नवम्बर-2017 तक के मानदेय एवं अतिरिक्त मानदेय का भुगतान नियमित रूप से उनके एसबीआई के खाते में किया गया था। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि श्रीमती शर्मा के जुलाई माह और नवम्बर माह में हड़ताल पर होने के कारण मानदेय काटा गया था। हड़ताल पर रहने वाली अन्य सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भी मानदेय काटा गया था।

 

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