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नगर सचिव पद पर नए अधिकारी की होगी नियुक्ति
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डिजिटल डेस्क, अकोला । अकोला महानगरपालिका की सर्वसाधारण सभा तथा स्थायी समिति की सभाओं में नियमों को ताक पर रखकर सत्तादल ने प्रस्ताव मंजूर किए थे। बिना चर्चा, बिना पठन तथा समय पर मंजूर विषयों के खिलाफ शासन ने हाल ही में अस्थायी निलंबन व विखंडन की कार्रवाई की। इस बीच विधान परिषद सभागृह में इस मुद्दे को उठाए जाने पर तत्कालीन आयुक्त संजय कापडणीस को निलंबित करने तथा नगर सचिव के पद से संबंधित अधिकारी को हटाने के आदेश दिए गए थे। उस आदेश के तहत नगर सचिव अनिल बिडवे का अन्य पद पर तबादला कर नए अधिकारी की नियुक्ति के मौखिक आदेश आयुक्त ने दिए, किंतु कोई भी नया अधिकारी इस पद की जिम्मेदारी संभालने को तैयार न होने की जानकारी सूत्रों से मिली है।
महानगरपालिका की सर्वसाधारण सभा में समय पर मंजूर 139 प्रस्तावों को अस्थायी विखंडित करने के आदेश शासन ने 14 दिसंबर को जारी किए। इसी तिथि पर सर्वसाधारण सभा के 17 व स्थायी समिति के 3 प्रस्ताव विखंडित करने के आदेश जारी हुए। दोनों शासन निर्णयों में संबंधित महापौर, तत्कालीन आयुक्त, संबंधित स्थायी समिति सभापति तथा नगर सचिव के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए थे। दोनों शासन निर्णयों को लेकर उच्च न्यायालय से स्थगिती आदेश पाने में सत्तादल को सफलता मिली, लेकिन विधान परिषद सभागृह में मुद्दा गूंजने से संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। नगरसचिव पद पर कार्यरत अनिल बिडवे को हटाने तथा प्रस्तावों पर अमल करनेवाले विभाग प्रमुखों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश सभागृह में दिए गए थे। उक्त आदेश के तहत आयुक्त ने सोमवार को नगर सचिव पद पर नए अधिकारी की नियुक्ति करने के आदेश दिए, लेकिन शाम तक आदेश जारी नहीं हो पाए। सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव लेनेवाले व प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई न होते हुए नगर सचिव को ही निशाने पर रखा गया। इस कारण भविष्य में भी ऐसी ही स्थिति निर्माण होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। इस कारण अधिकतर अधिकारी नगर सचिव पद से इन्कार कर रहे है। कोई भी कांटे का ताज पहनने को तैयार नजर नहीं आ रहा।
Created On :   5 Jan 2022 4:18 PM IST