- Home
- /
- ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी का...
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी का मामला, साकेत कोर्ट ने आरोपी नवनीत कालरा को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी के आरोपी नवनीत कालरा को दिल्ली की साकेत कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया। दिल्ली पुलिस ने कालरा की पांच दिन की रिमांड मांगी थी जिसका कालरा के वकील ने विरोध किया। क्राइम ब्रांच ने कालरा को रविवार को गिरफ्तार किया था।
बीते दिनों दिल्ली में नवनीत कालरा के तीन रेस्तरां से 500 से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जब्त हुए थे। इस मामले में नवनीत कालरा का नाम सामने आने के बाद गगन दुग्गल का नाम सामने आया था। गगन दुग्गल लंदन में रहता है और नवनीत कालरा का पार्टनर है। गगन सिम कार्ड बनाने वाली कंपनी मैट्रिक्स सेलुलर का मालिक है।
भारत में इस कंपनी का काम गौरव खन्ना देखता है। मैट्रिक्स सेलुलर कंपनी के नाम से 20 हजार रुपये प्रति पीस के हिसाब से चीन से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर इम्पोर्ट किए गए थे। इसे 50 से 70 हजार रुपये में बेचा जा रहा था।
इस बात का खुलासा होने के बाद दिल्ली पुलिस ने मैट्रिक्स सेलुलर सर्विस कंपनी के CEO गौरव खन्ना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। 47 वर्षीय गौरव की गिरफ्तारी गुरुग्राम से हुई थी। गौरव ही नवनीत कालरा के साथ कॉ-ऑरडीनेट करता था। हालांकि बाद में पांचों आरोपियों को जमानत दे दी गई।
ज़मानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के रेट को रेगुलेट करने के लिए सरकार अगर खुद ही कोई नियम नहीं बना रही है, तो फिर आप बिजनेसमैन को कैसे टारगेट कर सकते हो? अगर बिजनेसमैन कुछ कमाने के लिए महामारी में कुछ कर रहा है तो वो अपराध की श्रेणी में कैसे आ सकता है?
Created On :   17 May 2021 7:13 PM IST