शंकरपट के लिए गाइडलाइन, 6 वर्षों बाद रौनक

Guidelines for Shankarpat, after 6 years
शंकरपट के लिए गाइडलाइन, 6 वर्षों बाद रौनक
परमिशन जरूरी शंकरपट के लिए गाइडलाइन, 6 वर्षों बाद रौनक

डिजिटल डेस्क, गड़चिरोली। राज्य सरकार ने 21 दिसंबर 2021 को समूचे प्रदेश में बैलगाड़ी दौड़ (शंकरपट) पर  लगाए गए प्रतिबंध को हटा दिया है। प्रतिबंध हटते ही गांवों में करीब 6 वर्षों बाद एक बार फिर रौनक लगेगी, लेकिन शंकरपट के आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने नई गाइड-लाइन जारी कर दी है। नये नियमों के तहत शंकरपट का आयोजन करने के लिए 15 दिन पूर्व आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित नमूने व 50 हजार रुपए डिपाजिट राशि के साथ जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन करना अनिवार्य किया है। जिला प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद ही किसी गांव में शंकरपट के दौरान बैलगाड़ियों की दौड़ का आयोजन हो सकेगा। बिना अनुमति इस तरह के आयोजनों के खिलाफ जुर्माना व सजा का प्रावधान भी जिला प्रशासन ने किया है।

नये नियमों के तहत दौड़ का आयोजन करते समय प्राणियों के साथ क्रूरता से बर्ताव करने पर प्रतिबंधित करने के संदर्भ में नियम 2017 में दर्ज किए गए नियम व शर्तों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। शंकरपट के दौरान दौड़ में भाग लेने वाले गाड़ीवाले को अपना पहचान पत्र और बैलजोड़ी की फोटो आयोजकों को 48 घंटे पूर्व देना होगा। साथ ही पंजीकृत पशुवैद्यकीय डाक्टरों से बैलों की जांच कर वह स्वस्थ होने का प्रमाणपत्र भी पेश करना होगा। आयोजकों द्वारा यह सारे दस्तावेज निर्धारित नमूने में जिला प्रशासन को पेश किए जाएंगे। 
 

Created On :   29 Dec 2021 2:54 PM IST

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