पहले शिकायत निवारण समिति के पास जाएं : हाई कोर्ट

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राज्य सरकार की स्थानांतरण नीति से नाराज 100 से अधिक जिला परिषद शिक्षकों की याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने फैसला दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि नई स्थानांतरण नीति के तहत जिन शिक्षकों को स्थानांतरण संबंधित शिकायतें हैं, उनकी सुनवाई के लिए स्थानीय जिला परिषद के मुख्याध्यिकारी, शिक्षाधिकारी की एक शिकायत निवारण समिति है। इस समिति के फैसले पर भी आपत्ति हो तो विभागीय आयुक्त के पास अपील का प्रावधान है। ऐसे में इन सभी शिक्षकों को पहले शिकायत निवारण समिति की शरण लेनी चाहिए। इस तरह हाई कोर्ट में सीधे सुनवाई की अनुमति दी गई, तो हाई कोर्ट में स्थानांतरण संबंधित याचिकाओं की बाढ़ आ जाएगी।
ऐसे में हाई कोर्ट ने संंबंधित समितियों को शिक्षकों के दावे-आपत्तियों पर मानवीय आधार पर सुनवाई करने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि ये सभी शिक्षक विदर्भ की विविध जिला परिषदों की स्कूल में कार्यरत हैं। इनमें से कई शिक्षक अनेक वर्षों से दुर्गम क्षेत्रों में नियुक्त है, तो किसी को कार्यकाल पूरा होने के पूर्व ही स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसे ही कुछ शिक्षकों को अपने जीवनसाथी के कार्यक्षेत्र के बहुत दूर नियुक्ति दी गई है। ऐसे में शिक्षकों ने हाई कोर्ट की शरण ली थी।
Created On :   12 April 2023 1:26 PM IST