Wakf Amendment Bill: 'ये बद्रीनाथ नहीं..बदरुद्दीन शाह हैं...', वक्फ संसोधन बिल पर राज्यसभा में बीजेपी सांसद बृजलाल का बड़ा बयान

- वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में पेश
- दोपहर 1 बजे से चर्चा जारी
- बीजेपी सांसद बृजलाल ने वक्फ के पुराने नियमों को लेकर विपक्ष को घेरा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बुधवार को लोकसभा के बाद गुरुवार को वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में भी पेश हुआ। इस बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद बृजलाल ने गुरुवार को इसके अभी तक के प्रावधानों पर सवाल उठाया। उन्होंने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कैसे वक्फ बोर्ड देश के अलग-अलग स्थानों पर संपत्तियों पर कब्जा जमा रहा था।
उन्होंने वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 के दुरुपयोग का उदाहरण देते हुए कहा, "अभी तक जो वक्फ मौजूद है, इस पर केवल मुसलमानों के अभिजात्य वर्ग का आधिपत्य है। इसमें शेख, सैय्यद, सिद्दीकी, पठान, मिर्जा हैं। इसमें गरीब मुसलमान और पसमंदा मुस्लिमों का कोई रोल नहीं रहा। हमारी सरकार की जितनी भी योजना है वो गरीबों पर केंद्रित है। 2022 में वक्फ बोर्ड ने हरियाणा की जमीन पर दावा ठोक दिया। वहां का एक पुराने गुरुद्वारा को हड़पने की कोशिश की गई। वहां कोई मुस्लिम सेटलमेंट नहीं था।"
बद्रीनाथ और देहरादून का जिक्र करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा, "एक मौलाना 2017 में कह रहे थे कि ये बद्रीनाथ नहीं है... ये विष्णु मंदिर नहीं है, ये तो बदरुद्दीन शाह हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को ये मंदिर उन्हें सौंप देने के लिए कहा और अगर नहीं करेंगे तो इसपर कब्जा कर लेंगे। देहरादून में इसे लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था।"
तापमहल पर भी ठोकने लगे थे दावा
सांसद बृजलाल ने कहा, "साल 2021 में वक्फ ने कहा कि सूरत मुंसिपल कॉरपोरेशन की संपत्ति वक्फ की है। कहा गया कि 400 साल पहले शाहजहां ने वक्फ किया था। उन्होंने अपनी बेटी जहां आरा को दे दिया था। मैं आगरा का एसएसपी और डीआईजी भी रहा हूं। 2014 में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। उनके एक कद्दावर नेता ने कहा कि ये तो वक्फ की जमीन है। सपा के एक और नेता ने कहा कि मुझे मुतवल्ली बना दीजिए, ताजमहल तो वक्फ प्रॉपर्टी है। इसका भी मामला उठा, लेकिन वो वक्फ का नहीं हो पाया।
Created On :   4 April 2025 1:18 AM IST