सामना से साधा निशाना: शिवसेना (यूबीटी) ने मुखपत्र सामना में वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर केंद्र सरकार का किया घेराव

शिवसेना (यूबीटी) ने मुखपत्र सामना में वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर केंद्र सरकार का किया घेराव
  • सामना के लेख में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र
  • मुखपत्र में ट्रंप को श्वेत मोदी कहा
  • बीजेपी की योजना देश में केवल एक ही पार्टी सत्ता में रहे-सामना

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) ने वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। शिवसेना यूबीटी ने ये निशाना मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय लेख से साधा है। सामना ने एक देश एक चुनाव के प्रस्ताव को लेकर केंद्र की मोदी सरकार का घेराव किया है। सामना में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वे एक साथ इलेक्शन कराने की आड़ में वोटर्स लिस्ट से अन्य धर्मों क लोगों को बाहर करने के प्रयास में है। वो दूसरी धर्म के लोगों को मताधिकार से वंचित करना चाहते है। ताकि कुछ स्पेशल वर्ग के मतदाताओं को ही वोट करने का अधिकार मिले। मुखपत्र में ट्रंप को श्वेत मोदी कहा गया है।

शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया हैं कि बीजेपी की योजना है कि देश में केवल एक ही पार्टी सत्ता में हो और एक पार्टी, एक चुनाव उनका अंतिम मकसद है। लेख में यूएस की ट्रंप और भारत की मोदी सरकार की तुलना की गई है। दोनों पर अपने अपने देश में लोकतंत्र की जड़ें कमजोर करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि लेख में यूएस में ट्रंप के द्वारा किए जा रहे सुधारों का भी जिक्र किया गया है। जिनमें नागरिकता के प्रमाण को मतदान पंजीकरण के लिए जरूरी बताया गया है। जबकि लेख में भारत को लेकर लिखा गया है कि बीजेपी अन्य धर्मों के लोगों को मतदाता सूची से बाहर करने में प्रयासरत है।

संपादकीय लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी के प्रति विश्वासहीन कहा गया है। शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और अमेरिका सबसे मजबूत लोकतंत्र है, लेकिन दोनों देशों में लोकतंत्र की जड़ें कमजोर हैं।

Created On :   29 March 2025 2:48 PM IST

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