इस्तीफे के बाद सियासत: 'एन बीरेन सिंह का इस्तीफा मजबूरी भरा फैसला...', सीएम पद से इस्तीफा देने पर कांग्रेस नेता ने साधा निशाना

- एन बीरेन सिंह ने सीएम पद से दिया इस्तीफा
- मणिपुर में सियासत गर्म
- इस्तीफा देने पर कांग्रेस नेता ने साधा निशाना
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिस पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि मणिपुर में एन बीरेन सिंह का इस्तीफा एक सोची-समझी और मजबूरी भरा फैसला है। मणिपुर विधानसभा का सत्र कल से शुरू होने वाला था और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने वाला था, जो वो हर हाल में हारते क्योंकि उनकी अपनी पार्टी में भी उनका कड़ा विरोध था। अब क्या होगा? क्या उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाया जाएगा और फिर बाद में चुपचाप मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा? क्या यह एक सोची-समझी साजिश है? इस्तीफा इस बात का सबूत है कि मणिपुर में हालात बहुत खराब हैं।
बीजेपी नेता ए शारदा देवी का बयान
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे पर मणिपुर भाजपा अध्यक्ष ए शारदा देवी ने कहा, "हमारे मुख्यमंत्री ने आज शाम 5:30 बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने राज्य के लोगों के लिए इस्तीफा दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य की अखंडता को बचाने और राज्य के लोगों की सुरक्षा करने का भी अनुरोध किया है...उन्होंने राज्य के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस्तीफा दिया है...पार्टी के विधायकों के बीच कोई मतभेद नहीं है"
सुरक्षा एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रहने का दिया आदेश
बीरेन सोरेन थोड़ी देर पहले ही बीजेपी सांसद संबित पात्रा मणिपुर सरकार के मंत्री और विधायकों के साथ-साथ राज्यपाल से भी मुलाकात करने राजभवन गए थे। ये फैसला लेने से पहले ही बीरेन सिंह ने आज दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। गृह मंत्रालय की तरफ से सभी सुरक्षा एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है।
क्या है इस्तीफा देने की वजह?
ऐसा माना जा रहा है कि मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह ने अपने नेतृत्व के खिलाफ राज्य बीजेपी में असंतोष को कम करने के लिए इस्तीफा दिया है। क्योंकि उनकी सरकार को कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव और शक्ति परीक्षण की संभावना भी है। सीएम बीरेन सोरेन ने रविवार यानी 9 फरवरी की शाम राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। कॉनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी के समर्थन वापस लेने के बावजूद भाजपा के पास संख्या बल मौजूद है, उसके बाद भी ऐसी संभावना थी कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग करने वाले विधायक फ्लोर टेस्ट होने पर पार्टी व्हिप की अवहेलना कर देते। इसी संभावना को टालने के लिए मुख्यमंत्री ने बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत के बाद ही पद छोड़ने का फैसला लिया है। बीरेन सोरेन आज सुबह दिल्ली गए थे और उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह से मुलाकात करके बातचीत की थी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि, करीब 12 विधायक नेतृत्व परिवर्तन पर जोर दे रहे हैं। इसके अलावा सूत्रों ने यह भी कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के बीच भी अनबन है।
Created On :   9 Feb 2025 9:06 PM IST