Mamata Banerjee On Court: अदालत का फैसला सुनने के बाद ममता बनर्जी ने अपनाया सख्त रुख, 26 हजार भर्ती खारिज होने पर दी तीखी प्रतिक्रिया

- सीबीआई की जांच के खिलाफ ममता सरकार की याचिका
- सीजेआई ने याचिका पर सुनाया था फैसला
- ममता ने दी फैसले पर तीखी टिप्पणी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में करीब करीब 26 हजार टीचर्स के साथ अन्य स्टाफ की भर्ती हुई थी, जिसको अवैध घोषित कर दिया गया था। उस पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला लिया है और इससे राजनीति गर्मा गई है। इस मामले को लेकर ही बीजेपी की तरफ पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की गई है। इस पर सीपीएम ने कहा है कि सरकार की तरफ से खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर देनी चाहिए। इस दौरान ही ममता बनर्जी ने भी सख्त रुख अपनाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि, मेरे मन में न्यायपालिका के लिए बहुत सम्मान है, लेकिन हम इस जजमेंट को स्वीकार नहीं करते हैं।
ममता ने साधा बीजेपी पर निशाना
ममता बनर्जी ने कोर्ट के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, साथ ही बीजेपी को भी घेरा है। उन्होंने कहा है कि, बीजेपी चाहती है कि पश्चिम बंगाल का पूरा एजुकेशन सिस्टम ही बर्बाद हो जाए। उन्होंने आगे कहा कि, बंगाल के तो पूर्व शिक्षा मंत्री जेल में हैं। बीजेपी ही बता दे कि आखिर मध्य प्रदेश के व्यापम केस में कितने लोगों को गिरफ्तार किया है और कौन-कौन जेल में गया था।
सुप्रीम कोर्ट का क्या था कहना?
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पश्चिम बंगाल के 25 हजार से भी ज्यादा शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों की नौकरी रद्द कर दी गई है। इस बारे में पिछले साल आए हुए हाई कोर्ट की तरफ से आए हुए फैसले को जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने सही ठहरा दिया है। सुप्रीम कोर्ट से किए गए फैसले में मानवीय आधार पर एक दिव्यांग कर्मचारी को नौकरी जारी रखने की अनुमति दे दी गई है। बाकी दिव्यांग उम्मीदवारों को नई भर्ती प्रक्रिया में कुछ रियायत देने को कहा गया है। हाई कोर्ट ने पूरे घोटाले की सीबीआई जांच को भी चुनौती दी थी, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट 4 अप्रैल को सुनवाई करेगा।
Created On :   3 April 2025 6:01 PM IST