Delhi Politics: सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए मुफ्त इलाज की योजना को लेकर गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP और BJP ने एक दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप

सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए मुफ्त इलाज की योजना को लेकर गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP और BJP ने एक दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप
  • दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए शुरु की नई योजना
  • आप ने अपनी "फरिश्ते दिल्ली के" योजना को बंद करने का लगाया आरोप
  • बीजेपी ने किया पलटवार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए मुफ्त इलाज की योजना को लेकर दिल्ली की सियासत गरमाई हुई है। आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेता इसे लेकर एक दूसरे पर जमकर जुबानी हमले कर रहे हैं। पूर्व मंत्री और आप के दिग्गज नेता सौरभ भारद्वाज ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने "फरिश्ते दिल्ली के" योजना को बंद कर दिया, जिसके तहत निजी अस्पतालों में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मुफ्त इलाज दिया जाता था। इस योजना की शुरुआत 2017 में आप सरकार ने की थी और इससे 10,000 से अधिक लोगों की जान बचाई गई।

वहीं, आप के आरोपों पर पलटवार करते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल सरकार की सभी योजनाएं घोटालों का जरिया बनीं। उन्होंने दावा किया कि "फरिश्ते योजना" भी उन्हीं योजनाओं में से एक थी, जिसके नाम पर सरकारी धन की हेराफेरी हुई।

सचदेवा ने कहा कि आप सरकार 2015 से दिल्ली में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही थी, लेकिन अगर सरकारी अस्पताल इतने सक्षम थे तो सड़क दुर्घटना पीड़ितों के इलाज के लिए 2017 में "फरिश्ते योजना" की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने आरोप लगाया कि या तो सरकारी अस्पताल बेकार थे या फिर आप सरकार की मंशा थी कि मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजकर भारी बिल बनाए जाएं, जिससे कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिले। सचदेवा ने दावा किया कि 2017 में शुरू की गई यह योजना 2023 के मध्य तक लगभग बंद हो गई थी।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने आगे कहा, 'छह साल में यह योजना लगभग 2,000 दिन चली और सौरभ भारद्वाज के अनुसार केवल 22,000 लोगों को लाभ मिला। इसका मतलब यह हुआ कि दिल्ली में हर दिन लगभग 11 गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हुईं और सभी पीड़ितों को निजी अस्पतालों में ले जाया गया। इससे स्पष्ट होता है कि या तो सरकारी अस्पताल अक्षम थे, या फिर निजी अस्पतालों और आप नेताओं के बीच मिलीभगत थी, जिससे सरकारी धन का गबन किया गया।'

Created On :   31 March 2025 1:12 AM IST

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