राहुल गांधी से नाराज मुस्लिम नेता: 'मुसलमानों के लिए बोलना कांग्रेस का इतिहास रहा, लेकिन...', बैठक में राहुल गांधी के शामिल न होने पर बिफरे मौलाना अब्बास

मुसलमानों के लिए बोलना कांग्रेस का इतिहास रहा, लेकिन..., बैठक में राहुल गांधी के शामिल न होने पर बिफरे मौलाना अब्बास
  • वक्फ संशोधन बिल पर सियासत तेज
  • राहुल गांधी से नाराज हुए मुस्लिम नेता
  • मौलाना अब्बास ने जताई नाराजागी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। इस मुद्दे पर गुरुवार को मुस्लिम नेताओं ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के रवैये की निंदा की है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली और ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएसपीएलबी) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी मुस्लिम समुदाय की ओर से लोकसभा में बोलेंगे।

मुस्लिम नेताओं ने जताई नाराजागी

बता दें, 2 अप्रैल को विपक्ष के नेता राहुल गांधी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और सांसदों के साथ बैठक के लिए संसद में मौजूद थे। जिससे इस बैठक में संशोधनों पर पार्टी के रुख पर चर्चा की जा सके। लेकिन, वह बैठक के तुरंत बाद चले गए। उन्होंने स्पष्ट रूप से महत्वपूर्ण वक्फ बहस से अनुपस्थित रहने का फैसला किया। इसके बाद वे मतदान के लिए मौजूद थे। इस दौरान उनकी अनुपस्थिति के लिए उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा है।

मीडिया से बातचीत के दौरान मौलाना महली ने कहा, "मुझे आश्चर्य हुआ कि लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष ने सदन में इसको लेकर कोई बयान नहीं दिया। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी उचित बयान जारी करेगी।" मौलाना अब्बास ने कहा, "राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को बयान देना चाहिए था। मुझे उम्मीद थी कि प्रियंका गांधी आएंगी और वक्फ बिल के खिलाफ वोट देंगी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।"

प्रियंका गांधी को लेकर दिया बयान

उन्होंने कहा, "हमें प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी दिखती हैं। कांग्रेस का मुसलमानों को समर्थन करने और उनके लिए बोलने का इतिहास रहा है। पार्टी ने विधेयक के खिलाफ मतदान किया, लेकिन मैं लोकसभा में राहुल गांधी को बोलते हुए सुनना चाहता था।"

दोनों मुस्लिम नेताओं ने गुरुवार को राज्यसभा में वक्फ विधेयक पेश किए जाने पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की, उन्होंने कहा कि यदि विधेयक वहां भी पारित होता है, तो वे सर्वोच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग करेंगे। बता दें, ऐतिहासिक वक्फ (संशोधन) विधेयक बुधवार को लोकसभा में 13 घंटे की लगातार बहस के बाद 288 सदस्यों के पक्ष में और कुल 232 सदस्यों के विरोध में वोटिंग होने के बाद पारित हुआ।

Created On :   3 April 2025 10:29 PM IST

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