राजनीति: मध्य प्रदेश के पवित्र स्थानों पर शराबबंदी संस्कृति के उज्जवल पक्ष को बढ़ाएगी आगे चैतन्य काश्यप

भोपाल, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के 19 पवित्र स्थानों पर मंगलवार से शराबबंदी लागू कर दी गई। इस पर राज्य के लघु एवं सूक्ष्म उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि यह कदम हमारी संस्कृति के उज्जवल पक्ष को आगे बढ़ाएगी।
राज्य की मोहन यादव सरकार ने 25 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट बैठक में 19 पवित्र स्थलों पर शराबबंदी का फैसला लिया था, जिस पर मंगलवार से अमल शुरू हो गया।
लघु एवं सूक्ष्म उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि मध्य प्रदेश के 19 महत्वपूर्ण स्थानों को पवित्र नगरों का दर्जा दिया गया है। यह हमारी संस्कृति के उज्जवल पक्ष को आगे बढ़ाएगी। इन शहरों की पवित्रता को बनाए रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। इस निर्णय से जहां तक राजस्व कम होने की बात है, आस्था, पवित्रता और हमारी संस्कृति के गौरव को बढ़ाने में राजस्व इतना बड़ा महत्व नहीं रखता।
राज्य के 19 स्थानों पर शराबबंदी किए जाने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने पहले भी नर्मदा नदी के उद्गम स्थल से आगे तक के लिए शराबबंदी की थी, मगर क्षेत्र निर्धारित नहीं था। अब क्षेत्र निर्धारित कर दिए गए हैं। यह पहले की शराबबंदी का संशोधित रूप है।
राज्य में मंगलवार से जिन धार्मिक स्थानों पर शराब बंदी की गई, उनमें एक नगर निगम, छह नगर पालिका, छह नगर परिषद और छह ग्राम पंचायतें हैं, जिन प्रमुख पवित्र नगरों में शराबबंदी लागू की गई है, उनमें बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक, महेश्वर, ओरछा रामराजा मंदिर क्षेत्र, ओंकारेश्वर, मंडला में सतधारा क्षेत्र, मुलताई में ताप्ती उद्गम क्षेत्र, पीतांबरा देवीपीठ दतिया, जबलपुर भेड़ा घाट क्षेत्र, चित्रकूट, मैहर, सलकनपुर, सांची, मंडलेश्वर, वान्द्रावान, खजुराहो, नलखेड़ा, पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र मंदसौर, बरमान घाट और पन्ना शामिल हैं।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   1 April 2025 3:23 PM IST