धर्म: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन छतरपुर मंदिर पहुंची सीएम रेखा गुप्ता, दिल्लीवासियों के लिए मां से की सुख-समृद्धि की कामना

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन छतरपुर मंदिर पहुंची सीएम रेखा गुप्ता, दिल्लीवासियों के लिए मां से की सुख-समृद्धि की कामना
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रसिद्ध छतरपुर मंदिर में माता कात्यायनी के दर्शन किए और वहां सभी दिल्लीवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छतरपुर मंदिर के प्रांगण में ध्वजारोहण भी किया।

नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रसिद्ध छतरपुर मंदिर में माता कात्यायनी के दर्शन किए और वहां सभी दिल्लीवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छतरपुर मंदिर के प्रांगण में ध्वजारोहण भी किया।

सीएम रेखा गुप्ता ने मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, "आज छतरपुर मंदिर के प्रसिद्ध मां कात्यायनी को माथा टेक कर मैंने यही प्रार्थना की कि सभी दिल्लीवासियों के लिए यह नया साल ढेर सारी खुशियां लेकर आए। नवरात्रि का यह त्योहार लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आए।"

उन्होंने आगे कहा, "मां के आशीर्वाद से दिल्ली के प्रगति के सभी कार्य निर्विघ्न संपन्न हो। सबको सुख-समृद्धि मिले। दिल्ली में सौहार्द और शांति बनी रहे। मेरी देवी मां के चरणों में यही कामना है।"

रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को नवरात्रि और नए साल की ढेर सारी शुभकामनाएं भी दीं और यह कामना की कि "हम सब पर मां की कृपा बनी रहे।" उन्होंने कहा कि नवरात्रि का समय न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समय है जब हम अपने जीवन में सकारात्मकता और शांति की ओर अग्रसर हो सकते हैं।

सीएम रेखा गुप्ता ने छतरपुर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद दिल्लीवासियों के लिए मां कात्यायनी से आशीर्वाद लिया और उनके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। इस अवसर पर उनके साथ मंदिर के अधिकारी और अन्य लोग भी उपस्थित थे।

बता दें कि नवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। नवरात्रि मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा के लिए समर्पित है। यह त्योहार साल में चार बार आता है: क्रमशः चैत्र नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि, माघ नवरात्रि और आषाढ़ नवरात्रि। इनमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि सबसे अधिक लोकप्रिय और व्यापक रूप से मनाई जाती हैं।

वहीं, हिंदू नववर्ष को 'हिंदू संवत्सर' या 'विक्रम संवत' के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। यह मुख्य रूप से चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। यह दिन चैत्र नवरात्रि के पहले दिन के साथ भी मेल खाता है। हिंदू नववर्ष को भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ उत्साहपूर्वक मनाया जाता है।

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Created On :   30 March 2025 1:25 PM IST

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