राजनीति: सुनीता विलियम्स की अंतरिक्ष से वापसी पर झुलासन गांव में खुशी का माहौल

सुनीता विलियम्स की अंतरिक्ष से वापसी पर झुलासन गांव में खुशी का माहौल
अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की अंतरिक्ष से वापसी को लेकर गुजरात के मेहसाणा स्थित झुलासन गांव में रहने वाले ग्रामीण काफी खुश हैं। सभी लोग भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि अंतरिक्ष से उनकी सुरक्षित वापसी हो।

मेहसाणा, 18 मार्च, (आईएएनएस)। अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की अंतरिक्ष से वापसी को लेकर गुजरात के मेहसाणा स्थित झुलासन गांव में रहने वाले ग्रामीण काफी खुश हैं। सभी लोग भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि अंतरिक्ष से उनकी सुरक्षित वापसी हो।

सुनीता विलियम्स के इस गांव में उनके स्वागत के लिए तैयारियां की जा रही हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सुनीता गांव में जरूर आएंगी। ग्रामीणों के अनुसार, वह सुनीता का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वह तीन बार गांव आ चुकी हैं, पहली बार साल 2006 और इसके बाद साल 2012 में आई थी। अन्य ग्रामीणों ने बताया है कि वह सुनीता विलियम्स का भव्य स्वागत करेंगे।

सुनीता विलियम्स के वापसी पर उनके र‍िश्‍ते में बड़े भाई दीपक रावल ने बताया कि सुनीता विलियम्स की वापसी की खबर सुनकर परिवार में सभी खुश हैं। बचपन की बातों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि सारी जिंदगी हम और उनके पिताजी साथ में रहे हैं। अमेरिका जाने के बाद वे लोग जब-जब भारत आए, हमारे घर पर रुके। बचपन से ही सुनीता निडर थी। हमें एक बात याद है कि जब बचपन में उसे ऊंट पर बिठाया गया, तो वह ऊंट के ऊपर से उतर ही नहीं रही थी, किसी तरह उसे उतारा गया था।

बता दें कि भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स मंगलवार की शाम धरती पर लौटने वाली हैं। वह अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर असामान्य रूप से लंबे समय तक रहने के बाद वापस आ रही हैं। सुनीता विलियम्स, जो इस साल सितंबर में 60 वर्ष की हुईं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध भारतीय मूल की दूसरी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं। उनसे पहले कल्पना चावला यह उपलब्धि हासिल कर चुकी थीं, लेकिन 2003 में कोलंबिया स्पेस शटल दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी।

सुनीता विलियम्स का जन्म 1965 में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या गुजरात से हैं, जबकि उनकी मां उर्सुलाइन बोनी पांड्या (जालोकर) स्लोवेनिया से हैं। सुनीता ने पहली बार 2006 में "डिस्कवरी" स्पेस शटल के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा की थी।

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Created On :   18 March 2025 8:18 PM IST

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