वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2025: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से प्रकाशित विश्व खुशहाली सूचकांक पर भारत को लेकर उठने लगे सवाल

- भारत को इंडेक्स में 118 वें नंबर पर बताया गया
- पाकिस्तान समेत युद्धग्रस्त यूक्रेन व फिलिस्तीन से भी पीछे भारत
- खुशहाली सिर्फ आर्थिक विकास से निर्धारित नहीं होती
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन डीसी| हाल ही में सामने आई विश्व खुशहाली सूचकांक 2025 की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। भारत को इस इंडेक्स में 118 वें नंबर पर दिखाया गया है। जबकि भारत को पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान समेत युद्धग्रस्त यूक्रेन व फिलिस्तीन से भी पीछे दिखाया गया है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से प्रकाशित वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2025 में बताया गया है कि खुशहाली सिर्फ आर्थिक विकास से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इसमें लोगों का आपसी भरोसा और सोशल अटैचमेंट बड़ी भूमिका निभाते हैं। इस रिपोर्ट में लगातार आठवीं बार फिनलैंड को दुनिया का सबसे खुशी देश बताया गया है। इसमें भारत को पाकिस्तान समेत युद्धग्रस्त यूक्रेन व फिलिस्तीन से भी ज्यादा अवसादग्रस्त व असंतुष्ट बताया है।
इसी को लेकर आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक ने इस सूची पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है भारत 118वें स्थान पर है, जिन देशों में संघर्ष हो रहा है, वे भारत से काफी आगे हैं। इसी को लेकर उन्होंने इंडेक्स पर सवालिया निशान खड़े कर दिए है। फिलहाल अमेरिका दौरे पर गए रविशंकर ने वाशिंगटन में कई सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा खुशहाली सूचकांक में, मुझे लगता है कि भारत बहुत बेहतर है। खुशहाल होने के लिए केवल जुड़ाव ही काफ़ी नहीं है। उन्होंने भारत के मानवीय मूल्यों, समाज में रहन-सहन और समस्याओं पर भी अपनी राय रखी।
मैंने पूरी दुनिया की यात्रा की है, और मैंने देखा है कि भारत में मानवीय मूल्य बहुत ऊंचे हैं। भारत में करूणा, संसाधनों को साझा करने करने की सामाजिक परंपरा है। अगर आपके परिवार के साथ कुछ होता है, तो पूरा गांव मदद करने के लिए तैयार रहता है। बेशक, देश में समस्याएँ हैं, लेकिन जब आप उन्हें देखते हैं, तो पिछले एक दशक में बहुत सुधार हुआ है, गरीबी वास्तव में खुशी या नाखुशी से जुड़ी नहीं है।
Created On :   22 March 2025 3:56 PM IST