Former Justice Nirmal Yadav: हाई कोर्ट की पूर्व जस्टिस निर्मल यादव हुईं बरी, 15 लाख रुपए रिश्वत मामले में शामिल होने का था दावा, जानें सीबीआई कोर्ट का क्या है कहना?

हाई कोर्ट की पूर्व जस्टिस निर्मल यादव हुईं बरी, 15 लाख रुपए रिश्वत मामले में शामिल होने का था दावा, जानें सीबीआई कोर्ट का क्या है कहना?
  • हाई कोर्ट की पूर्व जस्टिस निर्मल यादव बरी
  • घर से 15 लाख रुपए मिलने का था दावा
  • साथ के अन्य आरोपी भी हुए रिहा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चंडीगढ़ की अदालत की तरफ से 29 मार्च (शुक्रवार) को पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस निर्मल यादव को साल 2028 के भ्रष्टाचार मामले में बरी कर दिया गया है। सीबीआई ने उनके साथ उनके साथियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। इसका फैसला एडिशनल सेशन जज अलका मलिक की स्पेशल कोर्ट की तरफ से सुनाया गया है।

साथ के लोगों को भी किया बरी

अदालत ने इस मामले में जितने अन्य आरोपी थे उनको भी बरी कर दिया है। जिसमें रविंदर सिंह भसीन, राजीव गुप्ता और निर्मल सिंह थीं। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, वकील हितेश पुरी ने बताया है कि, सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। उन्होंने मामले में आरोपी निर्मल सिंह का प्रतिनिधित्व किया था।

कब शुरू हुआ था मामला?

जस्टिस निर्मल यादव हाई कोर्ट की जज थीं और पूर्व न्यायिक अधिकारी भी थीं। उनके खिलाफ ये मामला साल 2008 में शुरू हुआ था। जब वो हाई कोर्ट की एक और जज जस्टिस निर्मलजीत कौर के घर पर 15 लाख रुपए से भरा एक बैग पहुंचा दिया था। जस्टिस कौर के चपरासी ने इसकी जानकारी चंडीगढ़ पुलिस तक पहुंचाई थी।

सीबीआई ने कब दर्ज किया था आरोप पत्र?

पंजाब के उस समय के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक जनरल एसएफ रोड्रिग्स के आदेश पर ये मामला सीबीआई को दिया गया था। सीबीआई ने शुरुआत में इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दर्ज की थी, जिसको खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने साल 2011 में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया था। अभियोजन पत्र के मुताबिक, हरियाणा के पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल संजीव बंसल के क्लर्क की तरफ से दिया गया पैसा जस्टिस यादव के लिए था और दो जजों के नाम में समानता होने की वजह से ये गलती से जस्टिस निर्मलजीत कौर के घर पर पहुंच गया था।

Created On :   29 March 2025 6:43 PM IST

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