वायु सेना ने बचाव अभियान पूरा किया
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- रोपवे ऑपरेशन में वायुसेना के पांच गरुड़ कमांडो शामिल थे
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने कहा कि उसने मंगलवार को एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और सेना के साथ मिलकर झारखंड के देवघर जिले में त्रिकूट हिल्स रोपवे सर्विस में फंसे लोगों को निकालने का काम पूरा कर लिया है। वायु सेना ने इस प्रयास के लिए 26 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरने के लिए दो मी-17वी5, एक मी-17, एक उन्नत लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) और एक चीता हेलीकॉप्टर का उपयोग किया। बयान के अनुसार, सोमवार तड़के बचाव अभियान में शामिल होने के बाद, वायु सेना ने एक ऑपरेशन की तैयारी के लिए एक प्रारंभिक रेकी की, जिसमें अनूठी चुनौतियां थीं।
दल में भारतीय वायुसेना के पांच गरुड़ कमांडो शामिल थे, जिनके पास केबल कार की फंसी हुई ट्रॉलियों पर चढ़ने का चुनौतीपूर्ण काम था। इस दौरान फंसे हुए लोगों को ट्रालियों से निकालकर ऊपर मंडरा रहे हेलीकॉप्टर तक ले जाने की प्रक्रिया बड़ी ही जटिल और खतरनाक रही। छोटे बच्चों को गरुड़ कमांडो स्वयं लेकर हेलीकॉप्टर तक गए। पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं की स्थिति में हेलीकॉप्टर चालक दल को भी अपने सामने आई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
चालक दल अपना कार्य करने के लिए एक ट्रॉली से दूसरी ट्रॉली में गए, जो कि चालक दल के लिए भी उतना ही जोखिम भरा था, जितना कि फंसे हुए लोगों के लिए। दो दिनों तक चले इस ऑपरेशन में दो दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं भी हुईं, जिनमें सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, जानें चली गईं। आईएएफ के संपूर्ण प्रयासों के बावजूद स्वाभाविक रूप से कठिन परिस्थिति के कारण फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित रूप से नहीं बचाया जा सका। बयान में कहा गया, भारतीय वायुसेना को इन दो लोगों की मौत पर गहरा खेद है और हम उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। भारतीय वायुसेना हमेशा और हर समय हमारे नागरिकों को सहायता, बचाव और राहत प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
(आईएएनएस)
Created On :   12 April 2022 7:00 PM IST