Agni II Ballistic Missile: ओडिशा में अब्दुल कलाम आइलैंड से अग्नि- 2 का सफल परीक्षण

डिजिटल डेस्क, भुवनेश्वर। ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड से मंगलवार को अग्नि- 2 मिसाइल का टेस्ट किया गया है। इस मिसाइल की रेंज 2000 किमी है। यह मिसाइल अपने साथ न्यूक्लियर हथियार भी ले जा सकता है। इस मिसाइल की रेंच इतनी है कि इसकी जद में पूरा पाकिस्तान आ सकता है। इस मिसाइल को सेना में शामिल किया जा चुका है। परीक्षण स्ट्रैजिक फोर्सेज कमांड द्वारा प्रशिक्षण अभ्यास के हिस्से के तौर पर किया गया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सहयोग में मदद की थी।
इससे पहले पृथ्वी-2 का सफल परीक्षण किया गया था
अग्नि-2 की लंबाई 20 मीटर है और इसका वजन 17 टन है। यह 2000 किलोमीटर की दूरी तक 1000 किलोग्राम विस्फोटक ले जा सकता है। 7 फरवरी 2018 को बैलिस्टिक मिसाइल पृथ्वी-2 का भी सफल टेस्ट किया था। पृथ्वी-2 मिसाइल को मोबाइल लॉन्चर के माध्यम से छोडा गया था। इस टेस्ट में सफलता मिली थी, मिसाइल ने तय किए गए लक्ष्य तक निशाना साधा था। ओडिशा के अब्दुल कलाम आईलैंड पर 18 जनवरी को अग्नि-5 और 6 फरवरी को अग्नि-1 का भी कामयाब टेस्ट किया जा चुका है। इस मिसाइल को सबसे पहले साल 2004 में इस्तेमाल किया गया। जमीन से जमीन पर वार करने वाली इस मिसाइल को सॉलिड प्रॉपलैंट्स द्वारा बनाया गया है।
गौरतलब है कि इस आईलैंड से मिसाइल टेस्ट होते रहते हैं, मिसाइल में बेहतर क्या सुधार किए जा सकते हैं। इस टेस्ट के बाद समझा जा सकता है। अग्नि-2 को सुबह 8:38 बजे मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च किया गया।
अग्नि 5 का सफल परीक्षण
भारत में विकसित अग्नि-5 का इस साल जनवरी में सफल परीक्षण हुआ था। परमाणु क्षमता से लैस इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) 5,000 किलोमीटर दूर स्थित टारगेट को आसानी से निशाना बना सकता है। इससे पहले अग्नि-5 को आखिरी बार 26 दिसंबर 2016 को टेस्ट किया गया था। इस मिसाइल को 2003 में भारतीय परमाणु हथियारों के जखीरे में शामिल किया गया था।
Created On :   20 Feb 2018 12:13 PM IST