दक्षिण अफ्रीका: राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने हिंदू नेता और अधिवक्ता अश्विन त्रिकमजी के निधन पर जताया दुख

राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने हिंदू नेता और अधिवक्ता अश्विन त्रिकमजी के निधन पर जताया दुख
  • लंबी बीमारी के बाद 80 वर्ष की उम्र में हुआ निधन
  • विविध धार्मिक समुदायों के बीच सहिष्णुता और सहयोग की वकालत की थी
  • हिंदू जुड़ाव से परे थी उनकी आध्यात्मिक भक्ति

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के प्रमुख हिंदू नेता और अधिवक्ता अश्विन त्रिकमजी के निधन पर राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने निधन पर दुख जताया। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा अश्विन त्रिकमजी के निधन से गहरा दुख हुआ है।

रामफोसा ने कहा मैं हमारे देश की सेवा करने वाले इस उत्कृष्ट व्यक्ति के परिवार, मित्रों और सहयोगियों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं, जो 80 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कर गए । राष्ट्रपति रामफोसा ने आगे कहा कि अश्विन त्रिकमजी की गहरी आध्यात्मिक भक्ति उनके हिंदू जुड़ाव से परे थी क्योंकि उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में विविध धार्मिक समुदायों के बीच सहिष्णुता और सहयोग की वकालत की थी। आपको बता दें समझौता और सुलह को प्रोत्साहन करने और बढ़ाने के लिए सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय धार्मिक नेता मंच के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया था। वे पहले अध्यक्ष थे।

मिली जानकारी के मुताबिक त्रिकमजी का आज गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। अश्विन त्रिकमजी दक्षिण अफ्रीकी हिंदू महासभा के अध्यक्ष और 1860 हेरिटेज सेंटर के बोर्ड डायरेक्टर थे।

त्रिकमजी दक्षिणी अफ्रीका के लिए अंतर्राष्ट्रीय बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव थे और दक्षिण अफ्रीका के हाईकोर्ट में एक्टिंग जस्टिस के रूप में कार्य किया। उन्होंने एसए सॉकर फेडरेशन के काउंसिल मेंबर , राष्ट्रीय सॉकर लीग के चैयरमेन , दक्षिण अफ्रीकी फुटबॉल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और संस्थापक सदस्य और एसएएफए अपील बोर्ड के प्रेसीडेंट के रूप में भी कार्य किया। पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के अंतिम संस्कार में संस्कृत श्लोकों का पाठ करने पर त्रिकमजी को दुनिया भर में पहचान मिली थी।

त्रिकमजी ने नस्लीय भेदभाव और औपनिवेशिक उत्पीड़न से लड़ने के लिए महात्मा गांधी द्वारा स्थापित नेटाल इंडियन कांग्रेस के डरबन सेंट्रल का नेतृत्व किया था। उन्होंने रंगभेद युग में एक ब्लैक कॉन्शियसनेस कार्यकर्ता के रूप में अपना कर्तव्य पूरा किया।

Created On :   20 March 2025 5:38 PM IST

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