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Shahdol News: एक राष्ट्र एक चुनाव से देश का प्रजातंत्र और सशक्त होगा

- मानस भवन में आयोजित परामर्श सम्मेलन में शामिल हुए रिटायर्ड जस्टिस रोहित आर्या
- एक राष्ट्र एक चुनाव विषय पर परामर्श सम्मेलन में रिटायर्ड जस्टिस रोहित आर्या ने कही।
- बताया कि कैसे बार-बार चुनाव होने से देश को आर्थिक क्षति होती है।
Shahdol News: हमारा देश संसार का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, विविधता इसकी एक विशेष पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक लाभ और नुकसान से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में निर्णय लिया है। एक राष्ट्र एक चुनाव से हिंदुस्तान का लोकतंत्र और प्रजातंत्र और मजबूत होगा। हमारा देश एक नई दृढ़ता से नए आयाम को छूएगा। यह बात मानस भवन में बुधवार को एक राष्ट्र एक चुनाव विषय पर परामर्श सम्मेलन में रिटायर्ड जस्टिस रोहित आर्या ने कही।
उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी भूली हुई संपदा को जगाना होगा। चुनाव और लोकतंत्र के बारे में जानना होगा। भाषा, खान-पान, समाज ऐसे कितने वर्गीकरण है जो पूरे देश में फैले हुए हैं और इस विविधता को एकता के सूत्र में पिरोना ही हमारे संविधान की विशेषता है। इसमें चुनाव और लोकतंत्र स्वतंत्र और न्याय संगत समाज के लिए जरूरी है। यह केवल एक राजनीतिक अवधारणा नहीं है बल्कि समानता और स्वतंत्र न्याय के सिद्धांत पर आधारित सशक्त राष्ट्र की नींव है।
यह हमारे प्रजातंत्र की आधारशिला है। चुनाव एक प्रणाली है, जिसमें हम अपने प्रतिनिधि को चुनते हैं। इसमें यह भी सुनिश्चित होता है कि सत्त्ता कुछ निमित्त हाथों में न रहकर उन हाथों में रहे जिसे जनता चुनती है। इसमें हर व्यक्ति को यह अधिकार है कि वो अपना वोट देकर यह तय करे कि देश के भविष्य का आधार क्या होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र मत का अधिकार के साथ ही विचार-विमर्श से सामूहिक निर्णय लेने की एक संस्कृति है।
आज हम यहां जितने भी लोग बैठे हैं, एक संदेश लेकर जाएं कि एक राष्ट्र एक चुनाव किस तरह से हमारे देश के लिए जरूरी है। सम्मेलन में मंचासीन विधायक जैतपुर जयङ्क्षसह मरावी, विधायक जयसिंहनगर मनीषा सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अमिता चपरा, अभियान के संयोजक पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह, सह संयोजक चंद्रेश द्विवेदी, मनोज सिंह आर्मो, राजेश्वर उदानिया व राजेंद्र भारती ने बातें रखी।
इन्होंने बताया कि कैसे बार-बार चुनाव होने से देश को आर्थिक क्षति होती है। एक बार में चुनाव से कैसे समय की बचत होगी और लोगों को ज्यादा वक्त देश और समाज के विकास में बीत सकेगा। सम्मेलन में शहर से डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, व्यापारी, महिला संगठनों के प्रतिनिधि, छात्र और युवाओं सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
Created On :   28 March 2025 12:44 PM IST