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Shahdol News: रेलमंत्री से सांसद की मांग के बाद भी रैंप निर्माण में बाधा

- रेलवे का कैसा विकास कार्य : यात्री मांग रहे रैंप पर बनेगा फुट ओवर ब्रिज, बुजुर्ग और बीमार यात्री होंगे परेशान
- अमृत भारत स्टेशन योजना से शहडोल रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है।
Shahdol News: रेलवे स्टेशन शहडोल में अमृत भारत स्टेशन योजना से 16.59 करोड़ रूपए के विकास कार्यों के बाद भी यात्रियों की समस्या कम होती नहीं दिख रही है। यहां प्लेटफार्म एक से दो व तीन के बीच आवाजाही के लिए रैंप की सुविधा नहीं होने के कारण मरीज व बुजुर्ग यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सांसद हिमाद्री सिंह ने 25 जनवरी को रेलवे स्टेशन में चल रहे कार्यों का जायजा लेने के दौरान बताया कि फुट ओवर ब्रिज के कारण यात्रियों की समस्या से रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को अवगत कराए जाने के साथ ही रैंप निर्माण का अनुरोध किया गया था।
इससे निश्चित रूप से बुजुर्ग व मरीजों को राहत मिलेगी। दूसरी सांसद के दावों के विपरीत काम करवा रहे ठेकेदार ने बताया कि यहां 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज के साथ लिफ्ट की सुविधा का प्रावधान है। यात्रियों ने बताया कि बड़े-बड़े महानगरों में लिफ्ट की सुविधा कारगर नहीं है। इसलिए यात्री लंबे समय से इस समस्या के निदान के लिए रैंप निर्माण की मांग कर रहे हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, इसके बाद भी रैंप निर्माण में बाधा बरकरार है।
बता दें कि अमृत भारत स्टेशन योजना से शहडोल रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। यहां यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बड़े स्तर पर वाहन पार्किंग व्यवस्था होगी। प्लेटफॉर्म फ्लोरिंग के साथ ही रेलवे परिसर में हाई मास्ट लाइट की व्यवस्था सहित दूसरी सुविधाएं होगी। निरीक्षण के दौरान सांसद हिमाद्री सिंह ने निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में तेजी लाएं। स्टेशन के प्रवेश द्वार में आदिवासी क्षेत्र की कलाकृतियों के साथ ही ऐतिहासिक धरोहर की पहचान बताती चित्रकारी करवाएं।
8 करोड़ 40 लाख रूपए के यार्ड विकास कार्य में सुविधाओं की अनदेखी
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) द्वारा शहडोल रेलवे स्टेशन यार्ड में 8 करोड़ 40 लाख रूपए से अलग-अलग कार्य करवाए जा रहे हैं। इसमें सभी कार्य तो शामिल हैं, लेकिन व्यापारियों के लिए सबसे जरूरी शेड निर्माण को ही ताक पर रख दिया गया है। शहडोल यार्ड में धान, गेहूं व दूसरे अनाज का लदान किया जाता है और सीमेंट व अन्य उत्पाद खाली होता है। दोनों ही काम बारिश के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी होती है। इसके लिए ड्रिस्ट्रिब्यूटर और ट्रांसपोर्टर शेड निर्माण की मांग कर रहे हैं। इस पर एसईसीआर के सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार का कहना है कि शहडोल यार्ड में आयरन ओर सहित अन्य खनिज की डंपिंग होती है, इसके लिए एक्सक्वेटर मशीन की जरूरत पड़ती है। इसी बात को ध्यान रखते हुए शेड निर्माण शामिल नहीं किया गया है।
रेलवे यार्ड में होंगे ये काम
- फर्श निर्माण
- अप्रोच रोड
- पानी टंकी
- छिडक़ाव के लिए स्प्रिकंलर
- पानी निकासी का इंतजाम
- श्रमिकों के लिए शेड
- बाउंड्रीवाल
ऊंचाई बढ़ाकर लगा सकते हैं शेड
रेलवे द्वारा 8 करोड़ 40 लाख रूपए से काम करवाया जा रहा है और शेड का ही निर्माण नहीं किया जाएगा तो व्यापारी परेशान होंगे। रेलवे के अधिकारी शेड की ऊंचाई 4 फिट बढ़ाकर लगा सकते हैं। इसका सबसे बड़ा लाभ अनाज लदान के दौरान होगा। अनाज खराब नहीं होगा।
मो. जकरिया ट्रांसपोर्टर
किस मतलब का ऐसा काम
शहडोल यार्ड में शेड का निर्माण जरूरी है। सीमेंट उतारने के दौरान बारिश हुई तो विलंब के कारण लाखों रूपए हर्जाना भरता पड़ता है। अब तक ढाई करोड़ रूपए से ज्यादा हर्जाना भर चुके हैं। इसके बाद भी नए निर्माण में शेड का शामिल नहीं होना चिंताजनक है।
प्रकाश रस्तोगी, डिस्ट्रीब्यूटर
Created On :   31 Jan 2025 1:59 PM IST