Satna News: कृषि उपज मंडी में मारपीट के बाद दिन भर हंगामा, नहीं हुई डाक नीलामी

कृषि उपज मंडी में मारपीट के बाद दिन भर हंगामा, नहीं हुई डाक नीलामी
  • ठप, अंतत: दो सौ से ज्यादा किसान 10 हजार क्विंटल अनाज के साथ बैरंग
  • मंडी सूत्रों के अनुसार करीब 2 सौ किसान मंडी में बेचने के लिए अनाज लेकर आए थे।
  • डाक नीलामी में अनाज बेचने के लिए सुबह 10 बजे के पहले ही ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर पहुंच गए थे।

Satna News: जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में गत दिवस हुई मारपीट की घटना में आरोपित करोबारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर लामबंद हम्मालों और तुलइयों ने बुधवार को मंडी प्रांगण में दिन हंगामा किया। इसके चलते डॉक नीलामी का कार्य पूरी तरह ठप रहा। यद्यपि उक्त घटनाक्रम से अनभिज्ञ करीब दो सौ किसान दूर-दराज के गांवों से हमेशा की तरह डाक नीलामी में अनाज बेचने के लिए सुबह 10 बजे के पहले ही ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर पहुंच गए थे।

मगर जैसे ही मंडी खुली वहां संबंधित व्यापारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान मंडी के अधिकारी हड़ताल समाप्त कर काम शुरू करने के लिए मनाने की कोशिश करते रहे। इधर दिन भर के भूखे-प्यासे किसान भी इस किसी तरह डाक नीलामी शुरू होने और अनाज बेचने के लिए इंतजार कर रहे थे। मगर देर शाम तक जब डाक शुरू नहीं हुई तो वह जैसे आए थे, वैसे ही करीब 10 हजार क्विंटल अनाज लेकर बैरंग हो गए। हालांकि अनाज न बिक पाने पर किसानों ने भी मंडी की अराजक व्यवस्था के खिलाफ जाते-जाते जमकर हंगामा किया।

विवाद की जड़ डाक में फिक्सिंग तौल और भुगतान में गड़बड़ी

सूत्रों के अनुसार कुछ व्यापारियों द्वारा किसानों के अनाज की खरीदी के समय डॉक नीलामी में कम बोली लगाने के लिए अर्सा से आपस में फिक्सिंग करते हैं। आरोप यह भी है कि यही व्यापारी अपने तौल कांटे मंडी लेकर आते हैं, जिसमें एक से डेढ़ किलो तक तौल पत्रक बनाकर किसानों की गाढ़ी कमाई पर बट्टा लगाते हैं। इसके बाद नकद भुगतान करने में भी किसानों को सौ से 150 रूपए तक की कटौती करके किसानों को चूना लगाते हैं। भाकियू के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत पाठक ने अपने बयान में बुधवार को हुए विवाद का प्रमुख कारण बताते हुए संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्यवाही किए जाने की मांग मंडी प्रशासन से की है।

5 लाख से ज्यादा के राजस्व का नुकसान

मंडी सूत्रों के अनुसार करीब 2 सौ किसान मंडी में बेचने के लिए अनाज लेकर आए थे। लेकिन इसकी डाक नीलामी नहीं होने से मंडी को 5 लाख रूपए से भी ज्यादा के राजस्व का नुकसान हुआ है। इसके अलावा मंडी में काम हम्माली करने वाले करीब एक सौ 50 महिला-पुरुष हम्माल और लगभग 70 अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों को जबरदस्त हंगामें की भेट चढ़़ी डाक नीलामी के अभाव में भारी नुकसान होने की जानकारी सामने आई है।

तब पहुंची पुलिस

बताते हैं कि हालात बेकाबू होते देख किसी अनिष्ट की स्थिति को टालने के लिए मंडी प्रशासन की सूचना पर दोपहर करीब 12 बजे कोलगवां कोतवाली से पुलिस बल मंडी पहुंचा। करीब दो घंटे तक पुलिस मंडी में तैनात रही और संबंधित पक्षों को समझाइश देती रही, लेकिन फरियादी तुलावटी एक पदाधिकारी सहित अन्य सदस्य आरोपीगणों की गिरफ्तारी सहित अन्य कार्यवाही की मांग पर अड़े रहे तो पुलिस ने उन्हें बयान दर्ज करवाए जाने के लिए कोतवाली तलब किया।

जहां पर आरोपी की ओर से भी अपनी शिकायत दर्ज करवाई गई। इसके बाद करीब साढ़े चार बजे तुलावटी संघ के संबंधित पदाधिकारी और अन्य सदस्य मंडी लौटे तो उन्होंने कामबंद हड़ताल स्थगित करने और काम शुरू किए जाने को लेकर मंडी सचिव को आश्वासन दिया। मगर तब तक किसान अपना अनाज लेकर मंडी से वापस जा चुके थे।

इनका कहना है-

मंडी में जिन समस्याओं को लेकर बुधवार को हंगामा और काम बंद होने की नौबत आई वे समस्याएं कई महीनों से आम किसानों की परेशानियों की जड़ हैं। डाक में फिक्सिंग, तौल में गड़बड़ी और भुगतान में अवैध कटौती जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान न होने पर भाकियू अराजनैतिक को भी मंडी बंद जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने पड़ेंगे।

इंद्रजीत पाठक, जिलाध्यक्ष भाकियू अराजनैतिक

तुलावटी संघ के एक पदाधिकारी के साथ बाहरी असामाजिक तत्वों से मारमीट, किसानों के अनाज की तौल एवं भुगतान में गड़बड़ी के संबंध में आरोपित फर्म आनंद ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए मंडी में क्रय-विक्रय प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही आरोपों के संबंध में समाधान कारक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।

करुणेश तिवारी, सचिव कृषि उपज मंडी

Created On :   27 March 2025 1:41 PM IST

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