Panna News: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ में भर्रेशाही का आलम, अस्पताल में नदारत मिले डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी, मरीज परेशान

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ में भर्रेशाही का आलम, अस्पताल में नदारत मिले डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी, मरीज परेशान
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ में भर्रेशाही का आलम
  • अस्पताल में नदारत मिले डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी, मरीज परेशान

Panna News: ग्रामीण अंचलों में निवासरत लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार द्वारा हर वर्ष करोडों रूपए पानी की तरह बहाया जा रहा है तथा विभिन्न जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनायें चलाई जा रहीं हैं किंतु नतीजा आज भी ढांक के तीन पात ही नजर आ रहा है। ग्रामीणों को अस्पताल में सही स्वास्थ्य सेवायें न मिलने के चलते वह मजबूर होकर झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवाकर लुट रहे हैं। एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टर न होने के चलते स्वास्थ्य सेवायें बदहाल हैं वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का भी यही हाल है। जहां डॉक्टर व मेडिकल स्टॉफ की मनमानी से मरीज परेशान हो रहे हैं। ताजा मामला स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ का है जहां आज ०१ अप्रैल की सुबह इलाज कराने पहुंचे एक रक्त स्त्राव के मरीज को बहुत देर तक भटकना पडा।

प्राप्त विवरण के अनुसार तहसील अजयगढ की ग्राम पंचायत धरमपुर के मजरा रमजूपुर निवासी ५० वर्षीय दौलत कोरी लकडी काट रहा था तभी पैर में चोट लगने के कारण तेजी से रक्त बहने लगा। जिसे सुबह ०८:५० बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ ले जाया गया किंतु वहां कोई भी डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। बीएमओ डॉ. सुनील अहिरवार को दो बार फोन लगाकर समस्या से अवगत कराने की कोशिश की गई किंतु वह काल रिसीव नहीं कर पाये लिहाजा डॉ. आर.बी. विश्वकर्मा को फोन कर मामले से अवगत कराया गया। तत्पश्चात ०९:२० मिनट पर डॉ. अंकित ठाकुर अस्पताल पहुंचे तथा ०९:२४ मिनट पर ओपीडी खुुलवाकर मरीज की पर्ची बनवाई और इलाज शुरू किया किंतु मौके पर कोई भी नर्स या ड्रेसर न होने के कारण पट्टी बांधने की समस्या खडी हो गई।

गार्ड से करवाई गई मरीज की पट्टी

डॉ. अंकित ठाकुर के इलाज शुरू करने तक अस्पताल में कोई नर्स या ड्रेसर नहीं पहुंच पाये लिहाजा मरीज को पट्टी बांधने के लिए ड्यूटी में तैनात गार्ड को ही ड्रेसिंग रूम में बुलाकर पट्टी बंधवाई गई। अस्पताल में गार्ड की नौकरी करने वाले पूरन यादव ने बतलाया कि मैं पिछले सात वर्षों से यहां नौकरी कर रहा हूं तथा ड्रेसर के न होने पर मैं ही काम चलाता हूं। एक अप्रशिक्षित व्यक्ति से ड्रेसिंग करवाना तथा अस्पताल में आपात सेवा के लिए कोई चिकित्सक मौजूद न होना इत्यादि अव्यवस्थाओं के सवाल पर बीएमओ डॉ. सुनील अहिरवार चिकित्सकों की कमीं का रोना रोते नजर आये।

इनका कहना है

मैं नाईट ड्यूटी में था जिससे अस्पताल पहुंचने में देर हो गई। दो डॉक्टर जिला अस्पताल पन्ना में ड्यूटी कर रहे हैं जिससे यहां डॉक्टरों की कमीं हैं यहां एक ही ड्रेसर पदस्थ है जो लेट आता है जिससे अन्य लोग भी ड्रेसिंग का काम करते रहते हैं।

डॉ. सुनील अहिरवार

बीएमओ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ

Created On :   2 April 2025 12:57 PM IST

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