Panna News: बाघ कॉरिडोर के गांव के किसानों के जीवन को संवारने के लिए हो रही पहल

बाघ कॉरिडोर के गांव के किसानों के जीवन को संवारने के लिए हो रही पहल
  • बाघ कॉरिडोर के गांव के किसानों के जीवन को संवारने के लिए हो रही पहल
  • पुराने तालाब के जीर्णीद्धार से पानीदार होगा खजरी कुडार गांव
  • तारबाडी से किसानों की फसल को मिला सुरक्षा कवज

Panna News: पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में स्थित खजरी कुडार गांव में किसानों के जीवन में बदलाव की कहानी शुरू हुई है। इस गांव में किसानों के जीवन को सुधारने के लिए एक गैर सरकारी संस्था लास्ट वाइल्डरनेस फाउंडेशन ने स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर डीसीबी बैंक के वित्तीय सहयोग से एक पहल शुरू की है। इस पहल के तहत गांव में फसलों को बचाने के लिए तारबाडी लगाने का काम किया जा रहा है। लगभग 01 हजार मीटर की तारबाडी लग चुकी है और कृषि भूमि का क्षेत्र के चारों ओर स्थित किसानों द्वारा तारबाडी लगाये जाने का कार्य जारी है। तारबाडी के लिए किसानों को संस्था के माध्यम से तारबाडी की जालियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल से किसानों को जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा मिली है और फसल बचाने के लिए जो उन्हें रात्रि जागरण कर वन्यप्राणियों के साथ संघर्ष करना पड़ता था उससे बड़ी राहत मिलने लगी है। इसके अलावा गांव में स्थित पुराने तालाब का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। तालाब की वंड ऊंचाई बढ़ा दिए जाने से करीब ढाई एकड़ के तालाब बारिश से 20 फीट ऊंचाई तक पानी लबालब इस साल भर जाएगा। जिससे किसानों को खेती के लिए भरपूर पानी मिलेगा।

बीचोंबीच पक्षियों के लिए तालाब में बनाया गया टापू

जीर्णीद्धार के साथ ही तालाब के बीचोंबीच एक टापू तैयार किया गया है। बने इस टापू में पक्षियों का बसेरा होगा पीटीआर क्षेत्र में स्थानीय पक्षियों के साथ प्रवासी पक्षियों का सुन्दर संसार है। तालाब पक्षियों की प्यास बुझाने का काम करेगा साथ ही साथ बीचों- बीच बने टापू में पक्षी अपना आशियाना भी बना सकेगें जिससे यहां पर पक्षियों के दर्शन भी होगे और इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन की संभावनायें भी बनने की उम्मीद की जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रभान बुंदेला ने बताया कि तालाब का उपयोग गांव की गरीब आदिवासी महिलायें जो कि जंगल की लकड़ी का बोझा शहर में ले जाकर ले जाकर बेचती है उनका एक समूह बनाकर मछली पालन के लिए दिया जायेगा जिससे जंगल के पेड़ बचेगें और गरीब आदिवासी महिलाओ को रोजगार मिलेगा।

पशुओं के लिए चारा उगाने को लेकर प्रोत्साहन

खजरी कुडार के ग्रामीणों का आजीविका का साधन पशुपालन भी है। पशुपालन के लिए किसान वन क्षेत्र पर निर्भर है और इसके चलते वन क्षेत्र को नुकसान भी होता है। वन्यप्राणियों द्वारा किए जाने वाले पशुओं के शिकार से किसानों को हानि होती है और इसके चलते पशु पालकों की नाराजगी भी समय-समय पर सामने आ चुकी है। किसान अपने पशुओ के लिए चारे का प्रबंध स्वयं कर सके इसके लिए किसानों को पशु चारा के रूप में बरसीन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

करीब ढाई एकड़ की जमीन है पानी नहीं मिलने और जानवरों के चलते ४-५ क्विंटल अनाज भी नहीं मिल पाता था तारबाडी लग जाने से जंगली जानवरों के फसल नष्ट करने का खतरा कम हो गया है। तालाब में पानी भरने से खेती के लिए पानी मिल जायेगा। मेरी पुरानी कुइया है वह भी तालाब के पानी से रिचार्ज होगी।

भगवान दास, आदिवासी कृषक

तालाब के जीर्णीद्धार और ऊंचाई बढाने से पानी की समस्या नहीं रहेगी। गहरीकरण से निकली मिट्टी का उपयोग ऊबड़-खाबड़ खेत में डलावकर समतल किया है साथ ही साथ तालाब के वेस्ट वियर से बने नाले से लगी अपनी जमीन पर वह बडा टैंक भी खुदवा रहा है जिससे पानी की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जायेगी और उसे खेती में ही पूरी मेहनत करनी है।

दिलीप यादव, कृषक

तारबाडी लग जाने से सभी किसानों को जंगली जानवरों के साथ ही गांव के पशुओं से भी फसल सुरक्षा मिली है तालाब के लिए बरसात में भारी मात्रा में पानी के आने के स्त्रोत है किन्तु तालाब के फूटे होने और काफी पुराने होने से पानी नाले में बहकर बर्बाद हो जाता था। तारबाडी और तालाब का जीर्णीद्धार हम सभी किसानों की खेती के लिए वरदान की तरह है।

राम चरण यादव, कृषक

फसल सुरक्षा के लिए तारबाडी से किसान काफी खुश है तालाब के जीर्णीद्धार के साथ जो ऊंचाई बढ़ा दी गई है उससे गर्मियों में भी पानी तालाब में बना रहेगा साथ करीब आधा सैकडा किसानों को तालाब से सिचांई के लिए पानी मिलेगा

सूरज यादव, ग्राम रक्षक सदस्य

Created On :   31 March 2025 12:51 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story