भारत की विरासत उसकी ज्ञान परंपरा है- आरिफ मोहम्मद खान
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भारत की विरासत उसकी ज्ञान परंपरा है। पूरी दुनिया में हमारी पहचान इसी से है। उन्होने कहा कि भारत के लोग उन लोगों के उत्तराधिकारी हैं, जो भारत नाम की अग्नि के उपासक थे। इसी कारण ‘तेज’ उनका स्वाभाविक गुण है। यह तेज संख्या बल या आर्थिक शक्ति से नहीं आता, बल्कि नैतिक बल से आता है। आरिफ खान यहां आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित ‘लोक संसद’ को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि पिछले 100 वर्षों में दुनिया ने विविधता को स्वीकार करना शुरू किया है, जबकि भारत ने ये काम 5,000 वर्ष पहलपे ही शुरू कर दिया था। भारत की संस्कृति अपनी बुनियादी जड़ों से जुड़ी हुई है। उन्होने कहा कि भारत विश्व गुरू था और उसमें वो ताकत है कि वह फिर से विश्व गुरू बन सकता है।
‘हरि’ और ‘अली’ को मिलकर करना होगा काम : चिदानंद
परमार्थ निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि देश में ‘हरियाली’ लानी है तो ‘हरि’ और ‘अली’ को मिलकर काम करना होगा। उन्होने कहा कि यह ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ नहीं, बल्कि ‘आबादी का अमृत महोत्सव’ है। आज प्रत्येक भारतीय को देश के साथ जुड़ने की आवश्यकता है। इस अवसर पर वरिष्ठ चिंतक व विचारक के एन गोविंदाचार्य, जलपुरूष राजेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय इमाम संघ के मुख्य इमाम डॉ उमेर अहमद इलियासी, शिया धर्मगुरू डॉ मौलाना कल्बे रिजवी आदि प्रमुखता से मौजूद थे।
Created On :   8 April 2022 10:03 PM IST