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राज्य सरकार व विद्युत आपूर्तिकर्ता कंपनी में नहीं है तालमेल
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डिजिटल डेस्क, नागपुर। पूर्व ऊर्जामंत्री व भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और विद्युत आपूर्ति करने वाली तीनों कंपनियों में तालमेल नहीं होने से राज्य पर यह संकट मंडराया है। बावनकुले ने बताया कि 2800 करोड़ रुपए कोयले का बकाया है। राज्य पर अंधेरे में रहने की नौबत आ गई है। राज्य सरकार की तीनों कंपनियों में तालमेल नहीं है। कोयला लिफ्टिंग की अनुमति नहीं देने से यह संकट राज्य पर आया है। ऊर्जा विभाग ने कोयले का योग्य तरीके से नियोजन नहीं किया है। कोयला का पर्याप्त भंडारण नहीं करने से यह नौबत आई है। महाजेनको के पास ठेका कामगारों के वेतन देने के लिए पैसे नहीं है। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री ने महाजेनको को 4 से 5 हजार करोड़ रुपए दे, भले इसके लिए कर्ज लेना पड़े। पूर्व ऊर्जामंत्री ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार होती तो यह नौबत नहीं आती। किसानों को बिजली देने से कभी भी विद्युत कंपनी नुकसान में नहीं आती। महाजेनको के पास दो दिन चलेगा, इतना ही कोयला है। कोयले के अभाव में विद्युत निर्मिती के राज्य में 13 यूनिट बंद हो गए है। ऊर्जा विभाग द्वारा योग्य नियोजन नहीं करने से यह संकट गहराया है।
Created On :   13 Oct 2021 6:12 PM IST