लाँकडाउन का असर - शाम होते ही शहर की आबोहवा हो जाती है बेहतर , प्रदूषण की स्थिति है ठीक-ठाक

Effect of lockdown - the city gets better as soon as evening, the pollution situation is good
लाँकडाउन का असर - शाम होते ही शहर की आबोहवा हो जाती है बेहतर , प्रदूषण की स्थिति है ठीक-ठाक
लाँकडाउन का असर - शाम होते ही शहर की आबोहवा हो जाती है बेहतर , प्रदूषण की स्थिति है ठीक-ठाक

डिजिटल डेस्क जबलपुर । लॉक डाउन के कारण शहर की आबोहवा में काफी सुधार आया है। हालाँकि स्थिति दोपहर में अब भी ठीक ही कही जा सकती, लेकिन हाँ...शाम होते-होते जरूर अचानक से शहर की आबोहवा में बदलाव आ जाता है और स्थिति सामान्य से कहीं बेहतर हो जाती है। ये शहर प्रदूषण के वे आँकड़े हैं जो यातायात थाने की छत पर लगे ऑनलाइन प्रदूषण मापन यंत्र के एयर क्वॉलिटी इंडेक्स के जरिए सामने आ रहे हैं।
शहर में लॉक डाउन के कारण सिमटे लोगों के कारण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही न के बराबर हो रही है। लोग सिर्फ जरूरी काम या फिर जरूरी सामान लेने घरों से निकल रहे है। ये वाहन भी दोपहर तक ही सड़कों पर नजर आते हैं। शाम 4 बजे के बाद रास्ते तकरीबन खाली हो जाते हैं और लोग पुन: अपने घरों में कैद हो जाते हैं। जिसके चलते शाम को शहर की आबोहवा भी साफ हो जाती है और दोपहर में ठीक ठाक रहती है। मतलब साफ है कि दोपहर के वक्त जो वाहन चल रहे हैं वे अब भी श्वास रोगियों के लिए ठीक नहीं कहे जा सकते हैं। कोराना वायरस के चलते दोपहर के वक्त सामान्य सर्दी-खाँसी से ग्रस्त्र लोगों को भी घरों से बाहर निकलने से बचना चाहिए। 
एयर क्वॉलिटी इंडेक्स मुख्य रूप से 8 प्रदूषकों से तैयार होता है, इसमें पीएम 2.5 और पीएम 10 ये कण इतने छोटे हैं कि साँस के जरिए फेफड़ों में पहुँच जाते हैं और सेहत के दुश्मन बन जाते हैं। सोमवार को शहर में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक एक्यूआई 61 था जिसे संतोषजनक की श्रेणी में गिना जाता है। लेकिन शाम होते ही यह आँकड़ा  40 के नीचे पहुँच जाता है, जिसे बेहतर की श्रेणी में गिना जाता है। वहीं पीएम 2.5 की मात्रा 9 माइक्रोग्राम प्रतिघनमीटर  और पीएम 10 की मात्रा 34 माइक्रोग्राम प्रतिघनमीटर थी। इनके अलावा सल्फर डाइऑक्साइड गैस 4.8 माइक्रोग्राम प्रतिघनमीटर पाई गई। वैज्ञानिकों  के अनुसार आने वाले दिनो में भी शहर प्रदूषण की चपेट से मुक्त रहेगा। बंदिशों में ही सही लेकिन शहर की आबोहवा को बेहतर बनाने में लॉक डाउन ने अहम भूमिका निभाई है। 
ट्टशहर में लॉक डाउन के कारण वाहनों की आवाजाही न के बराबर है। सिर्फ पुलिस और जरूरी काम से बाहर निकलने वाले वाहन ही सड़कों पर चल रहे हैं, जिसके कारण शहर की आबोहवा बहुत बेहतर हो गई है। 
-डॉ. एसके खरे, वैज्ञानिक मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
 

Created On :   31 March 2020 2:07 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story