Nagpur News: नागपुर के महाराजबाग के पिंजरों में जंगल सा माहौल बना

  • गर्मी में भालू व तेंदुए को फुर्तीला रखने के उपाए
  • लेपर्ट को खुद खानी होगी मुर्गी
  • भालु को लकड़ी से शहद सूंघकर खाना पड़ रहा

Nagpur News गर्मी की शुरूआत हो गई है। जिसके कारण महाराजबाग में वन्यजीवों के लिए कूलर लगाने से लेकर उनके खान- पान में बदलाव कर दिया है। लेकिन इसके आगे की कवायदें भी प्रशासन की ओर से की जा रही है। शुक्रवार को पिंजरों को जंगल के माहौल में ढालने के लिए इनरीचमेंट एक्टीविटी शुरू की है। जिसमें लेपर्ड को खाने के लिए मुर्गी तो दी गई, लेकिन इसे 8 फीट उंचाई पर लटकाया गया था। वहीं भालू के पिंजरे में लकड़ी का तना रख इसमें शहद छुपाया गया। यह सारी एक्टीविटी वन्यजीवों को फुर्तीला रखने के लिए शुरू की गई है। गर्मी में वन्यजीव सुस्त हो जाते हैं। जंगल में उन्हें खाने के लिए जद्दोजहद करनी ही पड़ती है। लेकिन ज्यू में उन्हें खाना ऐसे ही मिल जाने से वह ज्यादा सुस्त होते हैं, जिससे उनके सेहत पर भी बूरा असर पड़ता है। ऐसे में महाराजबाग के प्रभारी सुनील बाविस्कर के मार्गदर्शन में यह सारी एक्टीविटी शुरू की है। जिसे हर दिन किया जानेवाला है।

महाराजबाग जू नगरवासियों के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। यहां जंगल में रहनेवाले जानवरों को पिंजरे में रखा गया है। जिसमें बाघ, तेंदुआ, भालू आदि बड़े जानवरों के साथ मोर, इमू आदि पक्षी शामिल हैं। इनके रहने के लिए पिंजरे में शेड आदि की व्यवस्था की है। जहां वह अपने सुविधा के अनुसार रहते हैं। बाकी मौसम में भले ही कोई दिक्कत नहीं हो, लेकिन ग्रीष्म में बढ़ती धूप का सीधा असर इन पर देखने मिलता है। गर्मी से इनका हाल बे-हाल हो जाता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से हर बार इनकी सुविधाओं के लिए कूलर की मदद ली जाती है। ताकि पशु-पक्षियों को ठंडी हवा मिल सके। जानवर अपने सुविधा के कूलर की ठंडी हवा में समय गुजारते हैं। वर्तमान स्थिति यहां कूलर लगा दिये हैं। जहां तेंदुआ, बाघ के साथ-साथ पक्षियों के पिंजरे में भी कूलर लगाये हैं। ठंडी-ठंडी कुलर की हवा वन्यजीव को भा रही है। आमतौर इनके खान पान में फलों की मात्रा बहुत ज्यादा नहीं रहती है। लेकिन ग्रीष्म में खान-पान में बदलाव करते हुए मांसाहारी वन्यजीवों को कम-कम डायट दिया जा रहा है। वही बंदर, लंगूर आदि को रसीलें फल दिये जा रहे हैं। जिसमें तरबूज, खीरे, आम, पपीता शामिल हैं। पक्षियों को भी यह डायट मिल रहा है। लेकिन इसके बाद भी कई गर्मी में आसानी से खाना मिल जाने से वन्यजीव सुस्त पड़ जाते हैं। जिसका असर उनकी सेहत पर पड़ता है। इसे देखते हुए उक्त एक्टीविटी शुरू की है।

सैलानियों का हो रहा मनोरंजन : महाराजबाग में बड़ी संख्या में सैलानियों का आना जाना होता है। ऐसे में यह हर पिंजरे के सामने जाकर बड़े उत्साह से वन्यजीवों को देखते है। जिसमें मुख्यता भालु, लेपर्ड व बाघ को लेकर आकर्षण होता है। लेकिन गर्मी की सुस्ती में यह वन्यजीव बाहर ही नहीं निकलते हैं। अंदरूनी पिंजरे में ही आराम फरमाते रहते हैं। ऐसे में इन्हें देखने आनेवालों को निराशा हाथ लगती है। लेकिन उपरोक्त एक्टीविटी के चलते यह वन्यजीव जंगल की तरह शिकार करते दिखते हैं। जो हर किसी के लिए आकर्षण का कारण होता है। शुक्रवार को इसी तरह जब 8 फीट उंचाई पर टंगाई मुर्गी को लेपर्ट ने खुदकर पकड़ा हर किसी को जंगल का अनुभव हो रहा था।

Created On :   21 March 2025 3:56 PM IST

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