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Nagpur News: लव जिहाद प्रतिबंध संबंधी कानून बनेगा, झूठी पहचान के आधार पर शादी गंभीर वारदात
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- नप हाईस्कूल कलमेश्वर और जिप उ. प्रा. स्कूल पचखेड़ी का औचक निरीक्षण
- लव जिहाद के मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा
Nagpur News. राज्य में जल्द ही लव जिहाद प्रतिबंध संबंधी कानून बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि बरगलाने की दृष्टि से, झूठी पहचान के आधार पर किसी से विवाह करना गंभीर घटना है। महाराष्ट्र में ऐसी घटनाएं बढ़ रही है। इन मामलों में कार्रवाई की जाएगी। लव जिहाद प्रतिबंध संबंधी कानून बनाने के संबंध में राज्य सरकार ने 7 सदस्यीय समिति का गठन किया है। रविवार को इसी विषय पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवालों पर कहा-उच्चतम न्यायालय ने भी अपने निर्णय में वास्तविकता को प्रदर्शित किया है। महाराष्ट्र में भी इस तरह के प्रकरण बढ़ रहे हैं। एक धर्म के व्यक्ति ने किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति से विवाह करना गलत नहीं है। लेकिन बरगलाने की दृष्टि से, झूठी बातें बताकर, झूठी पहचान बताकर, विवाह करके बच्चें पैदा कर छाेड़ देना गंभीर घटना है। इन मामलों में ठाेस कार्रवाई की जाएगी। महाराष्ट्र में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही है।
कानून बनाने की तैयारी
महाराष्ट्र में लव जिहाद प्रतिबंध संबंधी कानून बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में प्रधान सचिव, सचिव महिला व बाल विकास विभाग, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अलावा अन्य विभागों के प्रमुखों का समावेश है। यह समिति कानून बनाने के संबंध में अध्ययन करेगी। अन्य राज्यों के कानून की विस्तृत जानकारी लेगी। जबरन विवाह करने व लव जिहाद संबंधी अपराध के मामले में 20 वर्ष की सजा का प्रावधान है। उत्तरप्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड व असम में भी इस तरह का कानून बनाया गया है। महाराष्ट्र विधानसभा में इस प्रस्तावित कानून के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई है। विपक्ष के कुछ सदस्यों ने संदेह जताया है कि इस कानून से केवल एक धर्म या समुदाय के लोगों को ही दंडित करने की आशंका है। जबकि जबरन विवाह के मामले में कठोर दंड की सजा का प्रावधान अब भी है। सहमति से विवाह के बाद भी अनबन या तलाक के मामले में लव जिहाद का अपराधी बनाया जा सकता है। सरकार की ओर से कहा गया है कि सभी आशंकाओं पर विचार के लिए ही 7 सदस्यीय समिति पहले अध्ययन करेगी।
Created On :   16 Feb 2025 6:32 PM IST