Nagpur News: गोरेवाड़ा जू में उपचार के लिए आने से पहले ही बाघिन की हो गई मौत

गोरेवाड़ा जू में उपचार के लिए आने से पहले ही बाघिन की हो गई मौत
  • अधिकारियों के अनुसार पहले ही हो चुकी थी मौत
  • पोस्टमार्टम के बाद होगा अंतिम संस्कार

Nagpur News यवतमाल जिले के वन परिक्षेत्र से एक बाघिन को उपचार के लिए नागपुर के गोरेवाड़ा बचाव केन्द्र में लाया जा रहा था। लेकिन बाघिन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अधिकारियों की माने तो गोरेवाड़ा जू के मुख्य द्वार पर बाघिन को लेकर आये वाहन में बाघिन पहले से मर चुकी थी। जिसके बाद इसकी शवविच्छेदन प्रक्रिया की जा रही है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाघिन का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार यवतमाल जिले के मुकुटबन वनपीरक्षेत्र भेंडाळा कक्ष क्रमांक 20 (सावळी) में एक बाघिन मंगलवार को नजर आई। इस बाघिन के पीछे के पैर काम नहीं कर रहे थे। जिससे इस बाघिन को चलना नहीं हो रहा था। ऐसे में इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई। वन विभाग ने निगरानी करने पर समझ में आया कि, बाघिन का इलाज नहीं करने पर बाघिन की जांन जा सकती है। ऐसे में ताडोबा की बचाव दल के माध्यम से बाघिन को ट्रैंक्यूलेट किया गया।

सही निशाना लगाकर बाघिन को बेहोश किया गया। जिसके बाद उसे पकड़ा गया। जांच में पता चला कि, बाघिन को पैरालेसिस हो गया था। जिसके बाद इसे उपचार के लिए नागपुर के गोरेवाड़ा बचाव केन्द्र के लिए रेफर किया गया। ताकि यहां लाकर बाघिन का इलाज किया जा सके। मंगलवार की रात में एक वाहन की मदद से बाघिन को नागपुर के गोरेवाड़ा में लाया गया। लेकिन यहां आने के पहले ही बाघिन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। बताया गया कि, यह बाघिन पांढरकावड़ा की टी-9 बाघिन की शावक थी।

गोरेवाड़ा में 14 बाघ : वर्तमान स्थिति में गोरेवाड़ा बचाव केन्द्र में 14 बाघ है। इन बाघों को विभिन्न जिले से लाया गया है। गोरेवाड़ा बचाव केन्द्र में बाघों को उपचार के लिए भी लाया जाता है। यहां इनके लिए स्पेशल ट्रीटमेंट सेंटर बनाया है, जहां हर जरुरी संसाधन है। ऐसे में उपरोक्त बाघिन को यहां लाकर स्वस्थ करने का वन विभाग का उद्देश्य था, लेकिन बाघिन ने प्रतिसाद नहीं दिया।

मुझे उपरोक्त बाघिन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन आज सुबह एक बाघिन को यवतमाल से लाया गया था। जिसकी जांच करने पर उसकी मौत ट्रान्सपोर्टेशन के दौरान ही होने का अनुमान है। ऐसे में शवविच्छेदन की प्रक्रिया की जा रही है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाघिन का अंतिम संस्कार किया जाएगा। शतागत भागवत, प्रकल्प व्यवस्थापक, गोरेवाड़ा


Created On :   2 April 2025 4:46 PM IST

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