Mumbai News: शिंदे के आदेश के बावजूद भुजबल ने एक साल तक नहीं की थी कार्रवाई, टेंडर भ्रष्टाचार मामला

शिंदे के आदेश के बावजूद भुजबल ने एक साल तक नहीं की थी कार्रवाई, टेंडर भ्रष्टाचार मामला
  • फ्रांसीसी इंजीनियरिंग फर्म सिस्ट्रा
  • एमएमआरडीए के वरिष्ठ अधिकारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए
  • शिंदे सरकार के कार्यकाल का एक और भ्रष्टाचार का आरोप सामने आया
  • राकांपा (शरद) प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील जल्द पार्टी छोड़ेंगे : शिरसाट

Mumbai News. सोमदत्त शर्मा| मेट्रो का निर्माण करने वाली फ्रांसीसी इंजीनियरिंग फर्म सिस्ट्रा द्वारा मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के वरिष्ठ अधिकारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए जाने के बाद शिंदे सरकार के कार्यकाल का एक और भ्रष्टाचार का आरोप सामने आया है। यह मामला जून 2024 का है, जब राज्य सरकार ने राज्य के सभी सरकारी गोदामों में अनाज रखने के लिए लकड़ी का स्टैंड (डैनेज पैलेट) का टेंडर निकाला था। जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर तत्कालीन सांसद कृपाल तुमाने ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। खास बात यह रही कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिंदे ने तुमाने की शिकायत पर मामले की जांच के आदेश दिए, लेकिन तत्कालीन खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री शिंदे द्वारा दिए गए जांच के आदेश पर एक साल तक कोई फैसला नहीं लिया। अब कांग्रेस विधायक नाना पटोले और लोक जागृति मंच के देवानंद पवार की शिकायत पर इस मामले में मौजूदा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच के आदेश दिए हैं।

क्या है मामला?

21 जून 2024 को राज्य सरकार ने गोंदिया की एक फर्म श्री बालाजी एंड कंपनी जनरल मटेरियल सप्लायर को राज्यभर के सरकारी गोदामों में डैनेज पैलेट लगाने का ठेका दिया था। ठेका आवंटित होने के कुछ दिन बाद ही तुमाने ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिंदे से इस ठेके में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। तुमाने ने इस संबंध में 13 अगस्त 2024 को एक शिकायती पत्र दिया था, जिसमें शिंदे ने इस ठेके की जांच कर उचित कार्रवाई का आदेश तत्कालीन खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल को दिया था। लेकिन भुजबल ने इस मामले में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जांच का कोई आदेश नहीं दिया। सूत्रों का कहना है कि भुजबल इस मामले के कथित घोटाले की फाइल को एक साल तक दबाकर बैठे रहे।

तीन सप्ताह में आएगी जांच रिपोर्ट

जब इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 12 जनवरी 2025 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने इस ठेके में हुई अनियमिताओं की शिकायत मौजूदा खाद्य एवं नागरिक मंत्री धनंजय मुंडे से की। मुंडे ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा इस मामले में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन भी किया गया है, जो 3 सप्ताह में सरकार को इस ठेके में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रिपोर्ट सौपेंगा। हालांकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस मामले में सरकार ने कंपनी को करीब 20 प्रतिशत की राशि का भुगतान भी कर दिया है।

राकांपा (शरद) प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील जल्द पार्टी छोड़ेंगे : शिरसाट

राकांपा (शरद) प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील की भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले से हुई मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था। अब शिवसेना (शिंदे) नेता एवं राज्य सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने दावा किया है कि जयंत पाटील जल्द ही शरद गुट छोड़कर महायुति में शामिल होने वाले हैं। शिरसाट ने कहा कि वैसे तो पाटील का नंबर पहले ही आने वाला था लेकिन थोड़ी देर हो गई है। लेकिन वह अब बहुत जल्द शरद गुट छोड़ने वाले हैं। गौरतलब है कि पाटील ने तीन दिन पहले मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटील की उपस्थिति में बावनकुले से मुलाकात की थी। हालांकि पाटील और बावनकुले दोनों ही मान चुके हैं कि उनकी मुलाकात राजनीति से प्रेरित नहीं थी। उधर, जयंत पाटील ने बावनकुले से हुई मुलाकात पर कहा है कि अगर दो दलों के नेता एक साथ मिलते हैं तो इसका मतलब यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि कोई पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हो रहा है। इस तरह की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।

Created On :   27 Feb 2025 6:40 PM IST

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